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Bihar News: पटना के इन रास्तों में अब नहीं होगी जाम की समस्या, अब इस जगह बना रहा एलिवेटेड पुल

Bihar News: बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के दीदारगंज में कुल 1065 करोड़ रुपये की लागत वाली छह महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 11, 2025, 2:21:59 PM

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बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Bihar News: बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के दीदारगंज में कुल 1065 करोड़ रुपये की लागत वाली छह महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास कर दिया है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राजधानी पटना को आसपास के क्षेत्रों से बेहतर ढंग से जोड़ना और पटना-बख्तियारपुर मार्ग पर यातायात को सुगम बनाना है।


इन परियोजनाओं में सबसे अहम और बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट है फतुहा चौराहे पर 2.4 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड पुल, जो फतुहा के औद्योगिक क्षेत्र की वर्षों पुरानी ट्रैफिक जाम की समस्या को स्थायी रूप से समाप्त करने में मदद करेगा। यह चौराहा अब तक जाम के लिए बदनाम रहा है, जहां आम लोगों से लेकर आपातकालीन सेवाओं तक को घंटों तक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पुल के निर्माण के बाद फैक्ट्री और भारी वाहनों का आवागमन एलिवेटेड रूट से हो सकेगा, जिससे सड़क पर ट्रैफिक का बोझ कम होगा और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।


इसके अलावा परियोजनाओं में पुरानी NH-30 का चौड़ीकरण कर उसे फोरलेन बनाने का निर्णय भी शामिल है, जिससे दीदारगंज-बख्तियारपुर और बख्तियारपुर-मोकामा मार्गों पर आवागमन तेज और सुगम होगा। संकरी और खस्ताहाल सड़कों के चौड़ीकरण से सड़क सुरक्षा में भी बढ़ोतरी होगी और यात्रा में लगने वाला समय भी घटेगा।


मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार जनता के हित में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह सभी कार्य बिहार राज्य सड़क विकास निगम और पथ निर्माण विभाग द्वारा पूरे किए जाएंगे। साथ ही, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पटना, बख्तियारपुर, फतुहा और मोकामा जैसे क्षेत्रों में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह शिलान्यास न सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय है, बल्कि यह बिहार के बुनियादी ढांचे को सशक्त करने की दिशा में एक व्यावहारिक और दूरदर्शी कदम है, जिससे आम जनता को सीधे लाभ मिलेगा।