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नए लेबर कोड्स के तहत ऑडियो-विज़ुअल और डिजिटल मीडिया वर्कर्स को क्या-क्या मिलेंगे लाभ? जानिये

नए लेबर कोड्स के लागू होने से ऑडियो-विज़ुअल और डिजिटल मीडिया वर्कर्स को नियुक्ति पत्र, समय पर वेतन, सुरक्षित कार्य घंटे, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान और एक साल बाद ग्रेच्युटी जैसे बड़े लाभ मिलेंगे। पत्रकारों, डबिंग आर्टिस्ट्स और स्टंट परफॉर्मर्स के लिए..

बिहार
ओवरटाइम पर देना होगा दोगुना वेतन
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: श्रम से जुड़े 29 कानूनों को खत्म कर उसके बदले 4 नए श्रम कानून को देशभर में लागू कर मोदी सरकार के मास्टरस्ट्रोक ने दुनिया भर का ध्यान भारत की तरफ खींचा है। केंद्र की मोदी सरकार ने श्रम सुधारों पर अब तक का सबसे बड़ा और अहम बदलाव किया है। चारों श्रम संहिताओं के लागू होने से अब audio-visual workers को मजबूत सुरक्षा मिली है।


डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े journalists, dubbing artists और stunt persons सहित सभी कर्मचारियों के लिए अब समय पर वेतन, अपॉइंटमेंट लेटर अनिवार्य, निर्धारित कार्य घंटे और ओवरटाइम पर दोगुना वेतन सुनिश्चित किया गया है। 


बता दें कि चारों श्रम संहिताओं के लागू होने से अब audio-visual workers को मजबूत सुरक्षा मिली है। नए लेबर कोड्स के तहत इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार, डबिंग-आर्टिस्ट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले सभी ऑडियो-विज़ुअल वर्कर्स के लिए नियुक्ति पत्र अनिवार्य किया गया है जिसमें पद, वेतन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अधिकार स्पष्ट लिखे होंगे। तय घंटों से ज़्यादा काम केवल सहमति से होगा और ओवरटाइम का भुगतान सामान्य मजदूरी के कम-से-कम दोगुना देना होगा।


New Labour Laws को लागू करने का उद्देश्य

नए श्रम कानून को देशभर में लागू करने को लेकर मोदी सरकार का पहला मकसद भारत में श्रमिक को लेकर कानून को आसान बनाना और वर्करों के लिए बेहतर सैलरी, सुरक्षा, सोशल सिक्योरिटी और भविष्य की भलाई सुनिश्चित करना है।


कर्मचारी को नियुक्ति पत्र और समय पर वेतन देना अनिवार्य

21 नवंबर को लागू हुए नए श्रम कानून के तहत, वर्कर्स को नियु्क्ति पत्र देना ज़रूरी होगा। सभी वर्कर्स को मिनिमम वेज प्रदान करना अनिवार्य है। समय पर सैलरी देना कानूनी होगा। केन्द्र की मोदी सरकार का तर्क है कि इस श्रम कानून के अंतर्गत नौकरी और बाद बाकी चीजों में ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी। मिनिमम वेज पूरे देश में लागू किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी भी कामगार की सैलरी इतनी कम न हो कि गुज़ारा करना मुश्किल हो जाए।


एक साल बाद ग्रेच्युटी मिलेगा 

नए श्रम कानून में गिग वर्क, प्लेटफॉर्म वर्क और एग्रीगेटर्स को लेकर कई सुविधा प्रदान की गई है। नया लेबर कानून फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को परमानेंट कर्मचारियों के बराबर सैलरी, छुट्टी, मेडिकल और सोशल सिक्योरिटी और पांच साल के बजाय सिर्फ एक साल बाद ग्रेच्युटी का हक प्रदान करता है।


सैलरी और सम्मान की गारंटी

नया श्रम कानून के तहत प्लांटेशन वर्कर्स, ऑडियो-विजुअल और डिजिटल मीडिया वर्कर्स, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जर्नलिस्ट्स, डबिंग आर्टिस्ट्स और स्टंट परफॉर्मर्स के साथ-साथ डिजिटल और ऑडियो-विजुअल वर्कर्स की सोशल सिक्योरिटी पर खास ध्यान देता है। इन सभी को अब नियुक्ति पत्र, समय पर वेतन, सुरक्षित काम के घंटे और ओवरटाइम पर डबल वेतन का अधिकार मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज, हमारी सरकार ने चार लेबर कोड लागू कर दिए हैं। यह आज़ादी के बाद मज़दूरों लिए सबसे बड़े और प्रगतिशील सुधारों में से एक है।

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