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हाईकोर्ट की सख्ती के बाद नेपाली नगर के भू माफियाओं पर कसा शिकंजा, आधा दर्जन गृह निर्माण समितियों पर केस

PATNA : राजीव नगर, नेपाली नगर के मामले में पटना हाईकोर्ट में जिस तरह सख्ती बरती है, उसका असर अब दिखने लगा है। पटना हाईकोर्ट की सख्ती के बाद नेपाली नगर, राजीव नगर के भू माफियाओ

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद नेपाली नगर के भू माफियाओं पर कसा शिकंजा, आधा दर्जन गृह निर्माण समितियों पर केस
Editor
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PATNA : राजीव नगर, नेपाली नगर के मामले में पटना हाईकोर्ट में जिस तरह सख्ती बरती है, उसका असर अब दिखने लगा है। पटना हाईकोर्ट की सख्ती के बाद नेपाली नगर, राजीव नगर के भू माफियाओं के ऊपर शिकंजा कसने लगा है। लगभग आधा दर्जन गृह निर्माण समितियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। राजीव नगर और नेपाली नगर में बिहार राज्य आवास बोर्ड की जमीन की खरीद बिक्री करने के आरोप में छह गृह निर्माण समितियों के अध्यक्ष-सचिव समेत 13 के खिलाफ बुधवार को बिहार राज्य आवास बोर्ड के कार्यपालक अभियंता की तरफ से राजीवनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। इन समितियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम ने आवास बोर्ड को पत्र भेजा था जबकि समितियों की संपत्ति की जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई को भी प्रशासन की ओर से पत्र भेजा गया है। 


स्थानीय थाने ने एफआईआर दर्ज करने की पुष्टि की है। जिन गृह निर्माण समितियों के खिलाफ राजीव नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, उनमें निराला सहकारी गृह निर्माण समिति, जयप्रकाश सहकारी गृह निर्माण समिति, बजरंग सहकारी गृह निर्माण समिति, कपूरचंद सहकारी गृह निर्माण समिति, त्रिमूर्ति सहकारी गृह निर्माण समिति तथा ललित फेडरेशन के अध्यक्ष-सचिव और अन्य लोग शामिल हैं। जिन 7 आरोपितों को नामजद किया गया है उनमें सत्यनारायण सिंह के बेटे सुनील सिंह, दीप नारायण के बेटे नीरज सिंह, नाकट गोप, प्रमोद सिंह, अखिलेश राय, श्रीनाथ सिंह और शिवजी सिंह शामिल हैं। ये सभी कई निर्माण समितियों से जुड़े बताए गए हैं।


आवास बोर्ड के कार्यपालक अभियंता की तरफ से दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि आवास बोर्ड की भूमि बेचने व कब्जा करने के मामले में पूर्व में राजीव नगर थाने में 400 केस दर्ज कराए जा चुके हैं। अवैध कब्जा और निर्माण रोकने को समय-समय पर राजीव नगर पुलिस के सहयोग से कड़ा कदम उठाया गया है। बावजूद निर्माण समितियों और उनसे जुड़े लोग बोर्ड की भूमि को कूटरचित दस्तावेज से खरीद-फरोख्त एवं दखल कब्जा दिलाते रहे हैं। पिछले दिनों अवैध कब्जा हटाने पर भारी विरोध हुआ था। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा था।

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