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नेपाल में रंगरलियां मनाने वाले न्यायिक पदाधिकारी बर्खास्त, हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

PATNA : नेपाल जाकर रंगरेलियां मनाने वाले बिहार के न्यायिक पदाधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार की निचली अदालतों के तीन न्यायिक पदाधिकारियों

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PATNA : नेपाल जाकर रंगरेलियां मनाने वाले बिहार के न्यायिक पदाधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार की निचली अदालतों के तीन न्यायिक पदाधिकारियों की सेवा बर्खास्त करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट के फैसले को सही करार देते हुए रंगरलियां मनाने वाले न्यायिक पदाधिकारियों की सेवा बर्खास्तगी को सही बताया है। 


आपको बता दें कि जनवरी 2013 में बिहार के निचली अदालतों के तीन न्यायिक पदाधिकारी नेपाल में रंगरलिया मनाते हुए पकड़े गए थे। नेपाल पुलिस ने इन्हें आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा था। इस खबर के सामने आने के बाद सनसनी मच गई थी। पटना हाईकोर्ट प्रशासन ने जिला जज की अध्यक्षता में स्पेशल कमेटी बनाकर मामले की जांच कराई। जांच कमेटी में इन तीनों न्यायिक पदाधिकारियों को आरोप मुक्त किया लेकिन पटना हाई कोर्ट ने बाद में जांच रिपोर्ट पर संतुष्टि नहीं जताते हुए मामले की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय से करवाई।


केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में न्यायिक अधिकारियों पर लगे आरोप सही पाए गए जिसके बाद हाईकोर्ट ने 2014 में इन तीनों न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ बिना विभागीय कार्यवाही चलाए ही उनकी सेवामुक्ति की अनुशंसा राज्य सरकार की थी। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ तीनों आरोपी पदाधिकारी सुप्रीम कोर्ट गए थे। साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर तत्काल रोक लगा दी थी लेकिन अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए रंगरलिया मनाने वाले न्यायिक पदाधिकारियों को सेवा से बर्खास्त करने का फैसला सुनाया है।