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NEET Re-Exam Scam : NEET री-एग्जाम में बड़ा खेल ! असली छात्र घर पर, दूसरे दे रहे थे परीक्षा; 9 सॉल्वर गिरफ्तार

बिहार के लखीसराय में NEET UG पुनर्परीक्षा के दौरान 9 फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार किए गए। जांच में मेडिकल छात्र और इंटर्न डॉक्टरों के सॉल्वर गैंग से जुड़े होने की आशंका।

NEET Re-Exam Scam,
NEET Re-Exam Scam
© ai photo
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

NEET Re-Exam Scam : बिहार में आयोजित नीट यूजी पुनर्परीक्षा के दौरान लखीसराय से एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिले के तीन अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से नौ ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।


पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में दो इंटर्न डॉक्टर, पांच एमबीबीएस छात्र और कुछ अन्य पढ़े-लिखे अभ्यर्थी शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह पूरा मामला किसी बड़े संगठित गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो मोटी रकम लेकर अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा में बैठाने का काम करता है।


गुप्त सूचना के बाद हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित नीट यूजी पुनर्परीक्षा के दौरान प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने वाले हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम सक्रिय हो गई।

इसके बाद राजकीय उच्च विद्यालय हसनपुर, केआरके हाई स्कूल और केंद्रीय विद्यालय किऊल समेत तीन परीक्षा केंद्रों पर सघन जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान नौ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिनकी पहचान और दस्तावेजों की जांच के बाद पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।


लाखों रुपये में हुआ था सौदा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने के लिए लाखों रुपये का सौदा किया था। बताया जा रहा है कि तय रकम का एक बड़ा हिस्सा पहले ही इन लोगों को दिया जा चुका था, जबकि बाकी राशि परीक्षा पूरी होने के बाद मिलने वाली थी। जांच एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क में कई स्तरों पर काम करने वाले लोग शामिल हैं। इनमें लाइनर, बिचौलिये, कोचिंग से जुड़े लोग और मेडिकल छात्र भी हो सकते हैं। पुलिस अब इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।


पटना और दिल्ली तक जुड़े हो सकते हैं तार

प्रारंभिक पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों का संबंध पटना और दिल्ली के मेडिकल संस्थानों से हो सकता है। जांच एजेंसियां नालंदा, पटना, भागलपुर, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से जुड़े संभावित कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि प्रशासन ने अभी तक किसी आरोपी या संस्थान का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।


अन्य जिलों में भी हो सकती है कार्रवाई

अनुमंडलाधिकारी प्रभाकर कुमार ने बताया कि 10 से 12 लोगों के दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर कार्रवाई की गई और कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। वहीं, एसडीपीओ शिवम कुमार ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों के सहयोगियों की पहचान की जा चुकी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न जिलों में छापेमारी की तैयारी की जा रही है।


परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में सामने आए इस फर्जीवाड़े ने परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और सॉल्वर गैंग के मामलों के बीच लखीसराय का यह मामला काफी गंभीर माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस सभी गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है और मोबाइल फोन, दस्तावेज तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।