ब्रेकिंग
लेसी सिंह बनीं 8वीं बार मंत्री, बिहार की राजनीति में रचा इतिहासमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेशलेसी सिंह बनीं 8वीं बार मंत्री, बिहार की राजनीति में रचा इतिहासमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेश

NDA विधायक दल की बैठक में जमकर हंगामा, खूब बरसे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, चुपचाप देखते रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

NDA विधायक दल की बैठक में जमकर हंगामा और कहासुनी हुई है. डिप्टी सीएम विजय सिन्हा जमकर बरस पड़े. हंगामें के दौरान नीतीश कुमार रहे खामोश. ग्लोबल टेंडर, गठबंधन धर्म और नल-जल योजना को लेकर हुआ बवाल.

Bihar
अचानक गर्म हो गये विजय सिन्हा
© REPOTER
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

PATNA: विधानमंडल के मॉनसून सत्र शुरू होने के मौके पर बुलाई गयी एनडीए विधायक दल की बैठक में जमकर हंगामा हो गया. डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा जेडीयू के एक मंत्री पर बरस पड़े. इसके बाद बीजेपी के कई विधायक उनके पक्ष में उठ खड़े हुए. खास बात ये रही कि इस सारे हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुपचाप बैठे रहे. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी तमाशा देखते रहे.


अचानक गर्म हो गये डिप्टी सीएम विजय सिन्हा

बता दें कि आज से विधानसभा औऱ विधान परिषद का मॉनसून सत्र शुरू हुआ है. इस सत्र को लेकर आज एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाई गयी थी. बैठक में मौजूद एक विधायक ने बताया कि जब डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा बोलने के लिए उठे तो उनके तेवर कड़े हो गये.  विजय सिन्हा ने कहा कि जेडीयू कोटे के एक मंत्री जिले-जिले में घूमकर अपने विभाग की योजनाओं का शिलान्यास औऱ उद्घाटन कर रहे हैं. लेकिन उसमें बीजेपी और बीजेपी समर्थित दूसरे विधायकों को बुलाया ही नहीं जा रहा है. 


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विजय सिन्हा ने कहा कि गठबंधन धर्म का पालन करना सिर्फ बीजेपी की जिम्मेवारी नहीं है. किसी एक पार्टी ने गठबंधन धर्म निभाने का ठेका नहीं ले रखा है. जेडीयू के अधीन एक अहम विभाग के कार्यक्रमों में बीजेपी के विधायकों को नहीं बुलाया जा रहा है. ये कौन सा गठबंधन धर्म है. 


समर्थन में खड़े हो गये कई विधायक 

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की आपत्ति के बाद उनके समर्थन में बीजेपी के कई विधायक खड़े हो गये. विधायकों ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में  उन्हें नहीं बुलाया जा रहा है. जब इस बारे में अधिकारियों से बात करते हैं तो वे बताते हैं कि उपर से लिस्ट आती है कि किसे बुलाना है औऱ किसे नहीं बुलाना है. 


प्रह्ललाद यादव को लेकर भी भड़के विजय सिन्हा

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही जेडीयू के नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने ये ऐलान कर दिया था कि लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा से विधायक प्रहलाद यादव को अगले विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया जायेगा. जबकि प्रहलाद यादव ने नीतीश कुमार के विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान आरजेडी को छोड़ कर एनडीए का साथ दिया था. डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि विजय सिन्हा ने कहा प्रहलाद यादव ने सरकार बनाने में समर्थन दिया था और इसकी जानकारी पहले ही एनडीए के शीर्ष नेताओं को थी . अगर किसी को प्रहलाद यादव से आपत्ति थी तो उसी समय ये कहना चाहिये था. लेकिन अब कहा जा रहा है कि प्रहलाद यादव को टिकट नहीं मिलेगा. 


ग्लोबल टेंडर पर भी बवाल

एनडीए विधायक दल की बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग की योजनाओं के ग्लोबल टेंडर पर भी विधायकों ने हंगामा मचा दिया. उनका कहना था कि इससे विधायकों का नुकसान हो रहा है और इसका खामियाजा आने वाले विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है. बीजेपी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू समेत कई विधायकों ने ग्लोबल टेंडर पर गहरी आपत्ति जतायी. 


नल-जल योजना में भी गड़बड़ी

एनडीए की बैठक में विधायकों ने नल-जल योजना में गड़बड़ी पर भी गहरी नाराजगी जतायी. विधायकों ने कहा कि पूरे राज्य में नल-जल योजना में गड़बड़ी हो रही है. नल जल योजना के ठेके में भी गड़बड़ी की गयी. इससे लोगों में आक्रोश है और इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है. 


चुपचाप बैठे रहे नीतीश

एनडीए विधायक दल की बैठक में कहासुनी औऱ हंगामा होता रहा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुपचाप देखते रहे. सबसे आखिर में नीतीश कुमार ने भाषण भी दिया लेकिन विधायकों की नाराजगी पर कुछ नहीं बोला. नीतीश कुमार विधायकों को ये सलाह देते रहे कि वे लोगों को 2005 से पहले के बिहार की याद दिलायें. बैठक में मौजूद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी विधायकों की शिकायत पर चुप्पी साधे रखा.

संबंधित खबरें