Muzaffarpur train accident : मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी स्टेशन क्षेत्र में सोमवार को एक हृदयविदारक रेल हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।मुजफ्फरपुर–हाजीपुर मुख्य रेलखंड पर तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना कुढ़नी रेलवे स्टेशन से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित रेलवे गुमटी संख्या 18 के पास घटी। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां जमा हो गए।
पूरी घटना का विवरण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृतक युवक रेलवे ट्रैक पार करने का प्रयास कर रहा था या फिर ट्रैक के काफी करीब खड़ा था। इसी दौरान हाजीपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार ट्रेन अचानक वहां पहुंच गई। ट्रेन की रफ्तार इतनी अधिक थी कि युवक को संभलने का कोई मौका नहीं मिला और वह सीधे ट्रेन की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी सांसें थम गईं।
हादसे के बाद आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान, राहगीर और स्थानीय ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। कुछ ही देर में वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग इस दर्दनाक दृश्य को देखकर स्तब्ध रह गए। कई लोगों ने बताया कि यह इलाका पहले भी दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात रहा है, क्योंकि यहां ट्रैक पार करने वालों की संख्या अधिक रहती है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
पुलिस को दी गई सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत कुढ़नी थाना पुलिस और रेलवे की राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) को सूचना दी। सूचना पाते ही पुलिस और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच-पड़ताल की और शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन से कटकर मौत का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। रेलवे अधिकारियों से भी ट्रेन की जानकारी ली जा रही है, जो हादसे के समय उस ट्रैक से गुजर रही थी।
मृतक की नहीं हो सकी पहचान
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह है कि काफी समय बीत जाने के बावजूद मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है। मृतक के पास से कोई पहचान पत्र, मोबाइल फोन या ऐसा कोई दस्तावेज बरामद नहीं हुआ, जिससे उसकी शिनाख्त की जा सके। पुलिस ने मृतक के हुलिए के आधार पर आसपास के गांवों में पूछताछ शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक संभवतः आसपास के किसी गांव का रहने वाला हो सकता है या फिर किसी दूसरे इलाके से आया राहगीर था।
पुलिस ने शव की पहचान कराने के लिए आसपास के थानों को भी सूचना दी है। साथ ही सोशल मीडिया और पुलिस के वायरलेस नेटवर्क के माध्यम से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उसके परिजनों तक जल्द से जल्द सूचना पहुंचाई जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे गुमटियों और ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गुमटी संख्या 18 के पास अक्सर लोग ट्रैक पार करते हैं, लेकिन यहां न तो पर्याप्त चेतावनी संकेत लगे हैं और न ही सुरक्षा के अन्य इंतजाम। कई बार ट्रेन की तेज रफ्तार के कारण लोगों को समय पर अंदाजा नहीं लग पाता और ऐसे हादसे हो जाते हैं।
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और रेलवे विभाग से मांग की है कि इस क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने अंडरपास या फुट ओवरब्रिज बनाने, चेतावनी बोर्ड लगाने और जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
जांच जारी, परिजनों की तलाश
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी। वहीं, मृतक के परिजनों का पता लगाने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जैसे ही पहचान होगी, परिजनों को सूचना देकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा और सतर्कता कितनी जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही किसी की जिंदगी छीन सकती है, जैसा कि कुढ़नी स्टेशन क्षेत्र में सोमवार को देखने को मिला।





