यह चुनाव मात्र सरकार बदलने का नहीं, धोखा देने वालों से बदला लेने का भी समय है: मुकेश सहनी

विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक मुकेश सहनी ने फेसबुक लाइव पर भावुक होते हुए कहा कि वे ‘आरक्षण नहीं तो वोट नहीं’ के संकल्प पर कायम हैं। उन्होंने निषाद समाज के लिए किए गए दावों, 11 साल के संघर्ष और महागठबंधन की सरकार बनाने की इच्छानुक्ति को..

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 05 Nov 2025 09:36:41 PM IST

बिहार

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 - फ़ोटो सोशल मीडिया

PATNA: विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी आज फेसबुक लाइव में भावुक होते हुए कहा कि हम सभी ने गंगाजल लेकर 'आरक्षण नहीं तो वोट नहीं' का संकल्प लिया था। आज भी मैं अपने वचन पर कायम हूँ, मेरे पास कई विकल्प थे जिससे सुख-सुविधा मिल सकती थी। अब आपको सोचना है कि आप अपने वचन को कितना निभा रहे हैं।

‎उन्होंने आगे कहा कि मैं 11 साल से संघर्ष कर रहा हूँ। आजाद भारत में जो किसी ने नहीं किया, वह मैने कर दिखाया। आज निषाद के चेहरे पर चुनाव हो रहा है। आज प्रधानमंत्री बनने वाले निषाद के साथ मछली मार रहे हैं। आज निषाद का बेटा टिकट बांट रहा है। 14-15 सीटों में से नौ सीट अति पिछड़ा समाज से आए समाज के लोगों को टिकट दिया, जिसमें आठ निषाद हैं। एनडीए ने 243 सीट में से आठ सीट निषाद को नहीं दिया। यह चुनाव यह साबित करेगा कि आप आगे संघर्ष कर पाएंगे या नहीं?

‎उन्होंने कहा ,"जंग अभी जारी है। हम जीते नहीं हैं। संघर्ष अभी भी जारी है। हमारा लक्ष्य बिहार में बदलाव हो, महागठबंधन की सरकार बने। मुझे पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नीतीश कुमार को हराना है जब तक आप एक बार नहीं हराएंगे, तब तक यह मत सोचिए कि आरक्षण मिल जाएगा। हम इस लड़ाई को जीतने के लिए जान भी देनी पड़े तो देंगे। कल मैंने अपने भाई को पीछे कर लिया। "

‎ उन्होंने आगे कहा कि आज समय आ चुका है कि यह साबित कीजिए कि हम जुब्बा सहनी के वंशज हैं, जिसने धोखा दिया, जिसने हमारे विधायकों को छीना, उसे हराइए। यह साबित करें कि हम जो सोचेंगे, वह कर के दिखाएंगे। मैं खुद लड़ाई लड़कर यहाँ तक पहुंच चुका हूँ, अब आपको भी साथ आना पड़ेगा। निषाद का बेटा उपमुख्यमंत्री बनेगा। 

‎मुकेश सहनी ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि आप साथ देते हैं तो जो हमलोग सोचे हैं, वह पूरा होगा। मैं जहाँ पहुंचा हूँ, वहाँ आपके सहयोग से ही पहुंचा हूँ। उन्होंने भावुक होकर कहा कि निषाद के वोट में बिखराव नहीं हो, यह सुनिश्चित करना है। यह अंतिम रात है। आप मेरे परिवार हैं और आप ही के लिए लड़ाई लड़ रहा हूँ। इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाइये। मुझे खुद के लिए पैसे की आवश्यकता नहीं है। परिवार आगे बढ़े यही मेरी चाहत है।