ब्रेकिंग
‘भ्रष्टाचार के बोझ से फिर गिरा निर्माणाधीन पुल’, तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर उठाए सवालशराबबंदी की सच्चाई ! एक्साइज अफसर और माफियाओं के बीच MoU...हर महीने 72 लाख पर बनी सहमति, काम- 18 गाड़ियों को छूना नहीं...ज्योति सिंह के मेंटनेंस केस में पवन सिंह को झटका, कोर्ट में पेश नहीं होने पर लगा 1 हजार रुपये जुर्मानाबख्तियारपुर का नाम ‘नीतीशपुर’ करने की मांग पर गरमाई सियासत, RJD ने उठाए सवाल; कहा- हिंदुस्तान का नाम भी मोदी के नाम पर रख देंबिहार में NH-139W पर बड़ा हादसा: पुल निर्माण के दौरान लॉन्चर गिरा, 6 कर्मचारी घायल; 2 की हालत गंभीर‘भ्रष्टाचार के बोझ से फिर गिरा निर्माणाधीन पुल’, तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर उठाए सवालशराबबंदी की सच्चाई ! एक्साइज अफसर और माफियाओं के बीच MoU...हर महीने 72 लाख पर बनी सहमति, काम- 18 गाड़ियों को छूना नहीं...ज्योति सिंह के मेंटनेंस केस में पवन सिंह को झटका, कोर्ट में पेश नहीं होने पर लगा 1 हजार रुपये जुर्मानाबख्तियारपुर का नाम ‘नीतीशपुर’ करने की मांग पर गरमाई सियासत, RJD ने उठाए सवाल; कहा- हिंदुस्तान का नाम भी मोदी के नाम पर रख देंबिहार में NH-139W पर बड़ा हादसा: पुल निर्माण के दौरान लॉन्चर गिरा, 6 कर्मचारी घायल; 2 की हालत गंभीर

Lawrence Bishnoi Gang Threat: बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे से 50 लाख की रंगदारी की मांग, व्हाट्सएप कॉल से मिली जान से मारने की धमकी

मुजफ्फरपुर में सनसनी! बिहार के पर्यटन मंत्री के बेटे से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 50 लाख की रंगदारी मांगी गई। व्हाट्सएप कॉल और मैसेज से जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस और साइबर सेल जांच में जुट गई है

Lawrence Bishnoi Gang Threat: बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे से 50 लाख की रंगदारी की मांग, व्हाट्सएप कॉल से मिली जान से मारने की धमकी
Tejpratap
Tejpratap
6 मिनट

Lawrence Bishnoi Gang Threat: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे कृष्ण मुरारी से कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताने वाले व्यक्ति ने तीन दिनों के भीतर रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने और पूरे परिवार को निशाना बनाने की धमकी दी है।

घटना सामने आने के बाद कृष्ण मुरारी ने तत्काल सदर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और साइबर सेल की मदद से धमकी देने वाले मोबाइल नंबर, आईपी डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।

व्हाट्सएप कॉल और मैसेज से दी गई धमकी

जानकारी के अनुसार, मंत्री के बेटे कृष्ण मुरारी के मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप के माध्यम से पहले मैसेज भेजा गया और फिर कॉल की गई। मैसेज भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। संदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया कि तीन दिनों के भीतर रकम नहीं पहुंची तो इसका अंजाम बहुत गंभीर होगा। इतना ही नहीं, मैसेज में परिवार को भी नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। लगातार धमकी भरे संदेश मिलने के बाद कृष्ण मुरारी और उनके परिजन काफी चिंतित हो गए और उन्होंने बिना देर किए पुलिस से संपर्क किया।

पुलिस को सौंपे गए स्क्रीनशॉट

शिकायत दर्ज कराने के दौरान कृष्ण मुरारी ने पुलिस को व्हाट्सएप चैट, कॉल लॉग और धमकी भरे संदेशों के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए हैं। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। प्रारंभिक जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी देने वाला व्यक्ति वास्तव में किसी संगठित अपराध गिरोह से जुड़ा है या फिर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर लोगों में दहशत फैलाने और रंगदारी वसूलने की कोशिश कर रहा है।

साइबर सेल ने शुरू की तकनीकी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), आईपी एड्रेस, इंटरनेट लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारियां जुटा रही है। यदि धमकी देने के लिए किसी फर्जी सिम, वीओआईपी कॉल या इंटरनेट आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया है तो उसकी भी गहन जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इस घटना का संबंध किसी बड़े नेटवर्क या अंतरराज्यीय साइबर गिरोह से तो नहीं है।

जिले में तीसरी ऐसी घटना

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में मुजफ्फरपुर जिले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने की यह लगातार तीसरी घटना है। इससे पहले भी कारोबारियों और अन्य लोगों को इसी तरह के धमकी भरे कॉल और मैसेज मिले थे। इन घटनाओं के बाद पुलिस पहले से ही सतर्क थी, लेकिन अब एक मंत्री के परिवार तक धमकी पहुंचने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि कहीं अपराधी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर लोगों में डर पैदा कर अवैध वसूली करने का नया तरीका तो नहीं अपना रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर

घटना के बाद मंत्री के परिवार की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन सतर्क हो गया है। पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी देने वाला वास्तव में किसी गैंग से जुड़ा है या केवल गैंग के नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी मांग रहा था। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को इस प्रकार की धमकी मिलती है तो वह घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दें और किसी भी परिस्थिति में रंगदारी की रकम न दें।

जांच के बाद होगा बड़ा खुलासा

फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। मोबाइल नंबर और तकनीकी जानकारी के विश्लेषण के बाद कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर पूरे जिले की नजर बनी हुई है। यदि धमकी देने वालों की पहचान हो जाती है तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह किसी वास्तविक गैंग की साजिश है या फिर लॉरेंस बिश्नोई के नाम का दुरुपयोग कर रंगदारी वसूलने की कोशिश। पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।