पटना: बिहार की राजधानी पटना स्थित सचिवालय थाना क्षेत्र से फर्जी अधिकारी बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। सचिवालय थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों मिलकर सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से पैसे वसूलने का काम करते थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस वर्दी, फर्जी आईकार्ड, मोबाइल, लैपटॉप और कथित फर्जी नियुक्ति पत्र समेत कई सामान बरामद किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, समाज कल्याण विभाग में सहायक शाखा पदाधिकारी के पद पर तैनात राजनाथ सिंह को सूचना मिली थी कि कल्याण विभाग के बरामदे में एक व्यक्ति बैनर लगाकर बैठा है। वह सीडीपीओ की नियुक्ति से संबंधित बैनर के जरिए वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को जानकारी दिखा रहा था। गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उससे पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान व्यक्ति ने खुद को स्वास्थ्य विभाग की प्रशाखा-3, पटना में पदस्थापित प्रशाखा पदाधिकारी बताया। इसके बाद जब उसके पहचान पत्र की जांच की गई तो वह फर्जी पाया गया। इसके बाद विभाग की ओर से तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सचिवालय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताता था
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय कुमार शुक्ल के रूप में हुई है। आरोप है कि वह खुद को स्वास्थ्य विभाग का अनुभाग अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था। सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से पैसे लेने की बात भी सामने आई है।
पुलिस जांच में यह भी जानकारी सामने आई कि आरोपी ने ठगी के लिए फर्जी पहचान और सरकारी पद का इस्तेमाल किया। वह कथित तौर पर लोगों को यह भरोसा दिलाता था कि उसकी सरकारी विभाग में पहुंच है और वह नियुक्ति कराने में मदद कर सकता है।
साले को बनाया फर्जी पुलिस कांस्टेबल
इस पूरे मामले में अजय कुमार शुक्ल का साला राजा कुमार, उम्र करीब 32 वर्ष, भी पुलिस के हत्थे चढ़ा है। राजा कुमार के पिता का नाम शिव शंकर झा बताया गया है। पुलिस के अनुसार, राजा कुमार भी कथित तौर पर इस फर्जीवाड़े में सहयोग करता था।
आरोप है कि अजय कुमार शुक्ल ने अपने साले राजा कुमार को फर्जी पुलिस कांस्टेबल के रूप में तैयार किया था। इसके लिए पुलिस की वर्दी और फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल किया जाता था। दोनों आरोपी सरकारी नौकरी और विभागीय पद का प्रभाव दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते थे।
पुलिस ने बरामद किए कई सामान
सचिवालय थाना पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो पुलिस वर्दी, दो फर्जी आईकार्ड, दो कथित फर्जी नियुक्ति पत्र/प्रशस्ति पत्र और स्टांप समेत अन्य सामान बरामद किए हैं। बरामद सामान की जांच की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर अपना शिकार बनाया है और उनसे कितनी रकम की वसूली की गई है। इसके साथ ही फर्जी दस्तावेज और आईकार्ड कहां तैयार किए गए, इसकी भी जांच की जा रही है।
दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी
सचिवालय थाना पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह भी शामिल है या नहीं। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बरामद दस्तावेजों तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और नौकरी के नाम पर की गई कथित ठगी की रकम का खुलासा हो सकेगा।





