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Bihar EOU news : EOU का बड़ा एक्शन! पूर्व DM मिथिलेश कुमार के पूरे कार्यकाल की जांच आज से होगी शुरू, धान खरीद से लेकर लाइसेंस तक की फाइलें खंगाली जाएंगी

लखीसराय में पूर्व डीएम मिथिलेश कुमार के कार्यकाल की जांच शुरू हो गई है। EOU टीम शस्त्र लाइसेंस, धान खरीद और कई विभागों की फाइलों की गहन जांच करेगी, जिससे प्रशासन में हलचल मच गई है।

Bihar EOU news : EOU का बड़ा एक्शन! पूर्व DM मिथिलेश कुमार के पूरे कार्यकाल की जांच आज से होगी शुरू, धान खरीद से लेकर लाइसेंस तक की फाइलें खंगाली जाएंगी
Tejpratap
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Bihar EOU news : बिहार के लखीसराय जिले में प्रशासनिक हलकों में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने पूर्व डीएम मिथिलेश कुमार के कार्यकाल की विस्तृत जांच शुरू करने का फैसला लिया। यह जांच उनके लगभग एक साल चार महीने के कार्यकाल को लेकर की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा दी गई लिखित शिकायतों के आधार पर पटना स्थित ईओयू मुख्यालय ने इस कार्रवाई का निर्णय लिया है।


मिथिलेश कुमार, जो 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी बताए जा रहे हैं, पहले भी विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं। विशेष रूप से मध्याह्न भोजन योजना में उनकी भूमिका चर्चा में रही थी। अब उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णयों और विभिन्न विभागों में हुए कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं, जिनकी जांच के लिए यह अभियान शुरू किया गया है।


ईओयू की टीम सुबह करीब 10 बजे लखीसराय के डीएम कार्यालय पहुंचने वाली है। सबसे पहले टीम डिप्टी कलेक्टर शशि भूषण कुमार से मुलाकात कर शस्त्र लाइसेंस से संबंधित फाइलों की जांच करेगी। पिछले एक साल से अधिक अवधि में जारी किए गए सभी शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया, नियमों के अनुपालन और दस्तावेजों की सत्यता की गहन जांच की जाएगी। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया में कई अहम तथ्यों का खुलासा हो सकता है।


इसके बाद जांच टीम जिला खेल पदाधिकारी मीनल रंजन से मुलाकात करेगी। टीम कला, संस्कृति कार्यक्रमों और खेल विभाग से संबंधित सभी फाइलों की समीक्षा करेगी। इन विभागों में हुए खर्च, कार्यक्रमों के आयोजन की प्रक्रिया और पारदर्शिता के स्तर को विस्तार से परखा जाएगा। अधिकारियों से पूछताछ के साथ-साथ दस्तावेजों का मिलान भी किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आ सके।


ईओयू की जांच केवल कुछ विभागों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिले के सभी प्रमुख विभागों को इसके दायरे में शामिल किया गया है। टीम यह आकलन करेगी कि मिथिलेश कुमार के कार्यकाल में किन-किन विकास कार्यों को मंजूरी दी गई, उन्हें कैसे लागू किया गया और उनमें वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं का कितना पालन हुआ। हर विभाग की फाइलों को क्रमवार खंगाला जाएगा, जिससे पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।


जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू धान खरीद से जुड़ा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, धान खरीद प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे संबंधित सभी रिकॉर्ड्स, भुगतान विवरण और भंडारण से जुड़े दस्तावेजों की गहन छानबीन की जाएगी। इस दौरान अधिकारियों से पूछताछ भी हो सकती है। यह पूरा अभियान दो से तीन दिनों तक चल सकता है, हालांकि जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।


इस बीच, प्रशासन ने पूर्व डीएम मिथिलेश कुमार को उनके पद से हटा दिया है। फिलहाल उन्हें पटना सचिवालय की सामान्य शाखा में पदस्थापित किया गया है। जांच के दौरान उन्हें लखीसराय के अवकाश भवन में रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो।


अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि लखीसराय का नया डीएम कौन होगा। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि आसपास के किसी जिले के आईएएस अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय जल्द ही लिया जाएगा।


कुल मिलाकर, ईओयू की यह जांच लखीसराय प्रशासन के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। इससे न केवल पूर्व डीएम के कार्यकाल की वास्तविक स्थिति सामने आएगी, बल्कि भविष्य में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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