ब्रेकिंग
बख्तियारपुर में शिवचर्चा की आरती के दौरान घर में लगी आग, तीन लोगों की दर्दनाक मौतसासाराम में बोलेरो-ऑटो की टक्कर: CRPF जवान की मौत, पत्नी और दो बच्चों समेत 5 घायलस्कूल के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, SDM ने प्रधानाचार्य को किया शो-कॉज, रसोइया बर्खास्तदरभंगा में दर्दनाक सड़क हादसा, स्कॉर्पियो की टक्कर से पति-पत्नी की मौत; LNMU में प्रोफेसर थीं बबीता देवीबिहार में बढ़ा नदियों का जलस्तर, अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में कटाव प्रभावित इलाकों का तेजस्वी यादव ने लिया जायजाबख्तियारपुर में शिवचर्चा की आरती के दौरान घर में लगी आग, तीन लोगों की दर्दनाक मौतसासाराम में बोलेरो-ऑटो की टक्कर: CRPF जवान की मौत, पत्नी और दो बच्चों समेत 5 घायलस्कूल के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, SDM ने प्रधानाचार्य को किया शो-कॉज, रसोइया बर्खास्तदरभंगा में दर्दनाक सड़क हादसा, स्कॉर्पियो की टक्कर से पति-पत्नी की मौत; LNMU में प्रोफेसर थीं बबीता देवीबिहार में बढ़ा नदियों का जलस्तर, अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में कटाव प्रभावित इलाकों का तेजस्वी यादव ने लिया जायजा

बिहार में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी होगी खत्म: RTE के तहत गरीब बच्चों का एडमिशन नहीं लिया तो होगा सख्त एक्शन, देना होगा इतना जुर्माना

Bihar Education News: आरटीई कानून के तहत निजी स्कूलों को 25% सीटें गरीब बच्चों के लिए आरक्षित करना अनिवार्य हो गया है. नियमों का उल्लंघन करने पर 1 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

Bihar Education News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© File
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Education News: शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून के तहत अब निजी विद्यालयों की मनमानी पर सख्ती की गई है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूह के बच्चों के लिए 25% सीटें आरक्षित करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम का उल्लंघन करने पर स्कूलों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।


शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को हर हाल में इस प्रावधान का पालन करना होगा। यदि कोई विद्यालय 25% आरक्षित सीटों पर नामांकन नहीं लेता है, तो उसके प्रबंधन के खिलाफ आर्थिक दंड की कार्रवाई की जाएगी।


इसके अलावा, नर्सरी या कक्षा 1 में प्रवेश के लिए बच्चों का इंटरव्यू या किसी प्रकार की स्क्रीनिंग (टेस्ट) लेने पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार, आरटीई कानून का पहली बार उल्लंघन करने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। दूसरी बार नियम तोड़ने पर यह जुर्माना बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया जाएगा। 


वहीं, बिना सरकारी स्वीकृति के कोई प्रारंभिक विद्यालय संचालित करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, निर्धारित तिथि के बाद भी विद्यालय चलाने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता