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ज्यादा बच्चे जी के जंजाल! दो से अधिक बच्चा होने पर अयोग्य घोषित हुए वार्ड पार्षद, बिहार में चुनाव आयोग ने का बड़ा एक्शन

Bihar News: नालंदा में ज्यादा संतान होने और गलत हलफनामा देने पर वार्ड पार्षद अशोक कुमार को निर्वाचन आयोग ने पद से हटा दिया. इतना ही नहीं आयोग ने गलत जानकारी देने पर केस दर्ज करने का भी आदेश जारी कर दिया है.

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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार में ज्यादा संतान होने के मामले में निर्वाचन आयोग ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक वार्ड पार्षद को अयोग्य घोषित कर दिया है। नालंदा जिले के हरनौत नगर पंचायत के वार्ड-19 के पार्षद अशोक कुमार को पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।


राज्य निर्वाचन आयोग ने आदेश जारी करते हुए न सिर्फ उनकी सदस्यता समाप्त की, बल्कि गलत हलफनामा दाखिल करने के आरोप में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के भी निर्देश दिए हैं। इस मामले में पंकज कुमार ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद लंबी सुनवाई के पश्चात सोमवार को फैसला सुनाया गया।


शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अशोक कुमार की कुल पांच संतानें हैं, जिनमें से दो का जन्म वर्ष 2008 के बाद हुआ है। बिहार नगरपालिका अधिनियम-2007 के अनुसार, 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतान होने पर व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाता है।


इसके बावजूद अशोक कुमार ने तथ्यों को छुपाकर चुनाव लड़ा। शिकायतकर्ता ने एक पुत्र और एक पुत्री के 2008 के बाद जन्म होने के ठोस प्रमाण भी आयोग के समक्ष पेश किए। इतना ही नहीं, जाति आधारित सर्वेक्षण फॉर्म में भी उन्होंने अपनी पांच संतानों और उनकी उम्र का उल्लेख किया था।


आयोग ने अपने आदेश में कहा कि गलत शपथ पत्र देकर उसे गुमराह किया गया। साथ ही, जिला पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि उनके खिलाफ धोखाधड़ी और गलत हलफनामा देने के मामले में कानूनी कार्रवाई की जाए। इस कार्रवाई के बाद वार्ड-19 की सीट अब रिक्त हो गई है और आयोग ने निर्देश दिया है कि यहां नियमानुसार पुनः चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए।


इससे पहले मार्च महीने में मनेर नगर परिषद की वार्ड पार्षद गायत्री देवी की सदस्यता भी इसी तरह के मामले में रद्द की गई थी। उनके खिलाफ अदलचक निवासी महेश कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपने हलफनामे में बच्चों की संख्या तो सही बताई, लेकिन उनके जन्म वर्ष में गलत जानकारी दी थी। जांच के बाद निर्वाचन आयोग ने उनकी सदस्यता भी समाप्त कर दी थी।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता