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किसकी लापरवाही से पटना में कम नहीं हो रहा कोरोना, राजधानी के इन इलाकों में सबसे ज्यादा संक्रमण

PATNA : बिहार में कोरोना पर कंट्रोल का भले ही दावा किया जा रहा हो लेकिन हकीकत यही है कि राजधानी पटना में हर प्रयास के बावजूद कोरोना का संक्रमण कम नहीं हो रहा है. पटना के अलग-अलग इलाकों से लगातार को

किसकी लापरवाही से पटना में कम नहीं हो रहा कोरोना, राजधानी के इन इलाकों में सबसे ज्यादा संक्रमण
Anamika
3 मिनट

PATNA : बिहार में कोरोना पर कंट्रोल का भले ही दावा किया जा रहा हो लेकिन हकीकत यही है कि राजधानी पटना में हर प्रयास के बावजूद कोरोना का संक्रमण कम नहीं हो रहा है. पटना के अलग-अलग इलाकों से लगातार कोरोना के नए मरीज मिल रहे हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर कोरोना का संक्रमण राजधानी में कम नहीं होने के लिए जिम्मेदार कौन है. पटना के लोग कोरोनावायरस को लेकर लापरवाह हो चुके हैं. लोगों की लापरवाही चुनाव के दौरान ज्यादा बड़े और अब लोग मास्क के बगैर ही ज्यादातर जगहों पर घूमते नजर आ रहे हैं. सोशल डिस्टेंसिंग का फार्मूला अब कहीं देखने को नहीं मिलता. कोरोना संक्रमण के लिए एक तरफ जहां लोग खुद जिम्मेदार हैं तो वहीं जिला प्रशासन की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है. कंटेनमेंट जोन कागजों पर तो बन जा रहा लेकिन जमीनी स्तर पर वहां पहले की तरह है कोई पाबंदी लागू नहीं की जा रही. नतीजा कंटेनमेंट जोन के बगल वाले इलाकों में भी हालात बिगड़ रहे हैं और नए इलाकों को हर दिन कंटेनमेंट जोन की लिस्ट में शामिल किया जा रहा है.


राजधानी पटना में कुल 53 नए कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं. इनके साथ ही कंटेनमेंट जोन की कुल संख्या 691 जा पहुंची है. पिछले 1 माह के अंदर कई इलाकों में सबसे ज्यादा मरीज सामने आए हैं इनमें शास्त्री नगर, कंकड़बाग, राजीव नगर, रूपसपुर, पत्रकार नगर, एसके पूरी, कदम कुआं और दानापुर का इलाका शामिल है. कंटेनमेंट जोन में सख्ती को लेकर जिला प्रशासन की अपनी दलील है. जिला प्रशासन का  कहना है कि जब कंटेनमेंट जोन बनने के बाद बैरिकेडिंग की जाती है तो लोग बैरियर को खुद हटा देते हैं. लोग अपने ऊपर पाबंदी लागू नहीं करते जिसका नतीजा संक्रमण के फैलाव के तौर पर है. जिला प्रशासन को शिकायत मिल रही है कि कोरोना संक्रमित लोग घरों में रहने की बजाय बाजार में बेरोकटोक घूम रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे लोगों को जबरन कोविड-19 सेंटर में भर्ती कराया है जो संक्रमित होने के बावजूद बाहर घूम रहे थे.


पटना जिले में फिलहाल कोरोना वायरस के 2270 एक्टिव केस मौजूद है.  जिले में अब तक 44792 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, इनमें 180 लोग ऐसे हैं जो दूसरी बार कोरोना संक्रमित हुए हैं. पटना के कई इलाके ऐसे हैं जो अब कोरोना के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं. इनमें राम कृष्णा नगर, आशियाना रोड, हनुमान नगर, अनिसाबाद, पूर्वी पटेल नगर, भीखचक, गर्दनीबाग, दीघा, कुर्जी, पाटलिपुत्र कॉलोनी, आनंदपुरी, सीडीए बिल्डिंग के आसपास का इलाका और चित्रगुप्त नगर शामिल है.