ब्रेकिंग
पूर्व विधायक मुकेश रौशन को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी, पटना SSP से सुरक्षा की मांगदलाल रिशु श्री से संबंधित अधिकारियों पर बिहार सरकार मेहरबान: ईडी की जांच में आरोपी अधिकारियों को मिली मलाईदार पोस्टिंगबिहार के 5 युवक नेपाल में गिरफ्तार, 16 साल के लड़के को किया था अगवा; मांगी थी 22 लाख की फिरौतीक्रिकेटर मुकेश कुमार और आकाश दीप बनेंगे DSP, बिहार सरकार ने गृह विभाग को भेजा प्रस्तावपटना में ध्वनि और पर्यावरण प्रदूषण पर हाईकोर्ट सख्त, लापरवाही पर थानेदारों को लगाई फटकारपूर्व विधायक मुकेश रौशन को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी, पटना SSP से सुरक्षा की मांगदलाल रिशु श्री से संबंधित अधिकारियों पर बिहार सरकार मेहरबान: ईडी की जांच में आरोपी अधिकारियों को मिली मलाईदार पोस्टिंगबिहार के 5 युवक नेपाल में गिरफ्तार, 16 साल के लड़के को किया था अगवा; मांगी थी 22 लाख की फिरौतीक्रिकेटर मुकेश कुमार और आकाश दीप बनेंगे DSP, बिहार सरकार ने गृह विभाग को भेजा प्रस्तावपटना में ध्वनि और पर्यावरण प्रदूषण पर हाईकोर्ट सख्त, लापरवाही पर थानेदारों को लगाई फटकार

BIHAR NEWS : ठेका मिलने के बाद पेटी कांट्रेक्टर से काम करवाना पड़ेगा महंगा, सरकार का कड़ा निर्देश जारी

BIHAR NEWS : सड़क का काम लेने के बाद उसे पेटी कांट्रेक्टर कराए जाने को पथ निर्माण विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग ने ऐसे ठकेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई का मन बनाया है।

BIHAR NEWS
सड़क निर्माण
© GOOGLE
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

BIHAR NEWS : बिहार क्वे ठकेदारों के लिए यह काफी काम की खबर है। अब बिहार सरकार ने यह तय कर दिया है कि सरकारी ठेका जिस कंपनी के तरफ से लिया गया है उन्हीं के तरफ से काम करवाया जाएगा। अब पहले की तरह बड़े ठेकेदार ठेका लेकर पेटी कॉन्टेक्टर से काम नहीं करवा सकते हैं। इसको लेकर सरकार ने नियम तय कर दिए हैं। आइए जानते हैं कि पूरी खबर क्या है। 


दरअसल, सड़क का काम लेने के बाद उसे पेटी कांट्रेक्टर कराए जाने को पथ निर्माण विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग ने ऐसे ठकेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई का मन बनाया है। इन ठेकेदारों पर कार्रवाई का मकसद समय पर सड़क परियोजनाओं का निर्माण पूरा करना है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते दिनों उपमुख्यमंत्री सह पथ निर्माण मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभाग के अधीन चल रही सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की। इसमें पाया गया कि ठेकेदार कार्यों का कुछ हिस्सा छोटे ठेकेदारों को  पेटी कांट्रेक्ट पर  बिना अनुमति दे रहे हैं। इसके बाद अब इनलोगों पर एक्शन की तैयारी चल रही है। 


बताया जा रहा है कि, पेटी कांट्रेक्टर (उप पट्टा) से काम करवाए जाने की वजह से सड़क परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही है। छोटे संवेदक कार्यों को समय पर पूरा नहीं कर पा रहे हैं। विभाग ने एजेंसियों की इस कार्यशैली को गंभीरता से लिया है। उपमुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों पर संज्ञान लेकर शीघ्र कार्रवाई का निर्देश वरीय पदाधिकारियों को दिया है। 


उपमुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया है कि आर्थिक अनियमितता के मामले में संलिप्त पदाधिकारियों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। गुणवत्तापूर्ण कार्य ससमय पूरा हो, यह विभागीय पदाधिकारियों का दायित्व है। उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि विगत तीन वर्षों में विभाग में संवेदकों से जुड़े न्यायिक मामलों की गहन समीक्षा की जाए और उस पर एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार की जाए।


इधर, विभाग को ऐसी शिकायतें मिली हैं कि ठेकेदार और पदाधिकारियों की मिलीभगत के कारण न्यायालय के समक्ष विभागीय पक्ष सबलता से नहीं रखा जाता है। इसका खामियाजा विभाग को आर्थिक तौर पर नुकसान के रूप में उठाना पड़ रहा है। ऐसे मामलों में दोषी पाये जाने वाले पदाधिकारियों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी।