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देश में अब होंगे सिर्फ दो टैक्स स्लैब, सम्राट चौधरी इसे मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला बताया, कहा..सस्ता होगा रोटी, कपड़ा और मकान

मोदी सरकार ने जीएसटी में बड़ा बदलाव किया है। 12% और 28% टैक्स स्लैब हटाकर अब केवल 5% और 18% स्लैब रहेंगे। यह निर्णय 22 सितंबर से लागू होगा। बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इसे ऐतिहासिक करार दिया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 03, 2025, 10:32:37 PM

बिहार

मोदी सरकार का बड़ा फैसला - फ़ोटो सोशल मीडिया

PATNA: जीएसटी को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 12 फ़ीसदी और 28 फ़ीसदी स्लैब खत्म किया गया है। अब सिर्फ पांच फ़ीसदी और 18 फ़ीसदी स्लैब रहेगा। 22 सितंबर से की गई घोषणाएं लागू होगी। बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया। कहा कि जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में आम आदमी को राहत दी गयी है। रोटी, कपड़ा और मकान सस्ता होगा। आम आदमी के उपयोग वाले सामान पर बड़ी राहत दी गयी है।


उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि आज नई दिल्ली में आयोजित जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में माननीय उपमुख्यमंत्री बिहार श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में  रेट रिलैक्सेशन पर गठित मंत्री समूह की समिति द्वारा पर प्रस्तुत रिपोर्ट को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। इस रिपोर्ट में आम जनता के जीवन को सरल बनाने, कर प्रणाली को पारदर्शी बनाने तथा आवश्यक वस्तुओं पर कर भार को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण अनुशंसाएं की थी।


उन्होंने बताया कि रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई उपभोग वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की सिफारिश की गई थी। आम आदमी के उपयोग वाले दैनिक उपभोग के सामानों को सस्ता करने की दिशा में ठोस कदम। बीमा क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा को अधिक सुलभ बनाने हेतु जीएसटी दरों शून्य कर दिया गया।


सम्राट चौधरी ने कहा,  “यह निर्णय माननीय प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प की दिशा में एक ठोस कदम है। जीएसटी प्रणाली को सरल बनाकर हम न केवल आम जनता को राहत देंगे, बल्कि राज्यों और देश की आर्थिक समृद्धि को भी नई ऊंचाई देंगे।” जीएसटी काउंसिल की अध्यक्षता श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा की गई, जिसमें मंत्री समूह की अनुशंसा को सराहा गया और सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह निर्णय भारत के कर ढांचे को अधिक जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।