ब्रेकिंग
‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचे सिद्धार्थ मल्होत्रा-तमन्ना भाटिया, CM सम्राट चौधरी से की मुलाकातनिजी क्लीनिक की बड़ी लापरवाही: गर्भ में मृत बच्चे को बाहर निकालने के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामाबेतिया राज की 6 एकड़ जमीन की हेराफेरी: रजिस्टर-2 में फर्जीवाड़ा कर बना डाली फर्जी जमाबंदी, अब जांच का आदेशबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत में‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचे सिद्धार्थ मल्होत्रा-तमन्ना भाटिया, CM सम्राट चौधरी से की मुलाकातनिजी क्लीनिक की बड़ी लापरवाही: गर्भ में मृत बच्चे को बाहर निकालने के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामाबेतिया राज की 6 एकड़ जमीन की हेराफेरी: रजिस्टर-2 में फर्जीवाड़ा कर बना डाली फर्जी जमाबंदी, अब जांच का आदेशबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत में

ग्रामीण विकास विभाग में 2 महीने पहले लगी थी आग, आज भी धूप में सुखाई जा रही फाइलें

PATNA : बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के कार्यालय में आग लगे 2 महीने से ज्यादा समय बीत चूका है. आग तो बुझ गई लेकिन कार्यालय में रखे सारे कागजात ऐसे भींगे की उन्हें सुखाने के ल

ग्रामीण विकास विभाग में 2 महीने पहले लगी थी आग, आज भी धूप में सुखाई जा रही फाइलें
First Bihar
2 मिनट

PATNA : बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के कार्यालय में आग लगे 2 महीने से ज्यादा समय बीत चूका है. आग तो बुझ गई लेकिन कार्यालय में रखे सारे कागजात ऐसे भींगे की उन्हें सुखाने के लिए आज भी अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों को ड्यूटी करनी पड़ रही है. दरअसल, उन कागजातों में कुछ ऐसी महत्वपूर्ण फाइलें भी हैं, जिन्हें सुखाने के लिए हर दिन मुख्य सचिवालय के खुले मैदानों में रखा जाता है. 


बता दें कि इन भींगी फाइलों की संख्या हजारों में है. ऐसे में बीते 2 महीनों से विभाग के कर्मचारी और अधिकारी हर रोज सैंकड़ों की संख्या में सचिवालय के मैदान में फाइलों को बिछाकर बैठ जाते हैं और उनके सूखने का इंतजार करते हैं. इन कर्मचारियों की ड्यूटी ही लगा दी गई है ताकि वह उन फाइलों की देखरेख कर सकें. 


गौरतलब है कि ग्रामीण विकास विभाग में 19 अक्टूबर की देर रात भीषण आग लगी थी. इस आगलगी में कई महत्वपूर्व फाइलें जलकर राख हो गई थी. विभाग ने पूरे मामले में जांच करने की बात कही थी, जिससे नुकसान और कारण का आकलन हो सकें. वहीं विपक्ष ने भी इस मामले पर नीतीश सरकार को घेरा था. विपक्ष का आरोप था कि विभाग ने काले कारनामों को छुपाने के लिए आग लगाई थी. और जांच की भी मांग की थी लेकिन 2 महीने बाद भी इसको लेकर अब तक कोई नई जानकारी सामने नहीं आई है.