ब्रेकिंग
बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर आया बड़ा अपडेट, जानिए.. क्या बोले शिक्ष मंत्री मिथिलेश तिवारीखान सर की अग्रिम जमानत पर सुनवाई पूरी, कोर्ट इस दिन सुनाएगा फैसला; मिलेगी राहत या जाएंगे जेल?Bihar News : बांकीपुर उपचुनाव: बूथ अध्यक्ष से विधानसभा उम्मीदवार तक पहुंचे अभिषेक बंटी, बीजेपी ने साधारण कार्यकर्ता पर जताया भरोसाBihar News : बिहार में PhD के नियम बदल गए! अब 7.5 CGPA वालों को बिना मास्टर मिलेगी सीधी एंट्रीBihar News : बिहार को मिली बड़ी सौगात! सुपौल से दरभंगा के बीच बनेगा नया नेशनल हाईवे, इन जिलों की बदल जाएगी तस्वीरबिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर आया बड़ा अपडेट, जानिए.. क्या बोले शिक्ष मंत्री मिथिलेश तिवारीखान सर की अग्रिम जमानत पर सुनवाई पूरी, कोर्ट इस दिन सुनाएगा फैसला; मिलेगी राहत या जाएंगे जेल?Bihar News : बांकीपुर उपचुनाव: बूथ अध्यक्ष से विधानसभा उम्मीदवार तक पहुंचे अभिषेक बंटी, बीजेपी ने साधारण कार्यकर्ता पर जताया भरोसाBihar News : बिहार में PhD के नियम बदल गए! अब 7.5 CGPA वालों को बिना मास्टर मिलेगी सीधी एंट्रीBihar News : बिहार को मिली बड़ी सौगात! सुपौल से दरभंगा के बीच बनेगा नया नेशनल हाईवे, इन जिलों की बदल जाएगी तस्वीर

विष्णुपद मंदिर प्रबंधन के लिए बनी समिति, पटना हाईकोर्ट ने 7 सदस्यीय अंतरिम कमिटी गठित की

PATNA : गया स्थित ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र की विकास और रोजाना प्रबंधन के लिए पटना हाई कोर्ट ने सात सदस्यीय एड हॉक कमिटी के गठन करने का आदेश दिया

विष्णुपद मंदिर प्रबंधन के लिए बनी समिति, पटना हाईकोर्ट ने 7 सदस्यीय अंतरिम कमिटी गठित की
First Bihar
2 मिनट

PATNA :  गया स्थित ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र की विकास और रोजाना प्रबंधन के लिए पटना हाई कोर्ट ने सात सदस्यीय एड हॉक कमिटी के गठन करने का आदेश दिया है. बुद्धवार को मुख्य न्यायाधीश  संजय करोल और न्यायमूर्ति  एस कुमार की खण्डपीठ ने गौरव कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिया.


हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने धार्मिक न्यास बोर्ड के वरीय अधिवक्ता से पूछा कि बोर्ड और गयावाल पंडा के बीच कोई वार्तालाप हुई है या नही ? बोर्ड की तरफ से जवाब नकारात्मक मिला । हाई कोर्ट ने बोर्ड के रवैये पर खिन्नता जाहिर की. इस मौके पर अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने कोर्ट को सुझाव दिया कि प्रयोग के तौर पे गया डीएम की अध्यक्षता में एक स्थानीय एडहॉक कमीटी का गठन कर वहां के विकास व प्रबंधन का काम शुरू किया जाए. जिसमें  वहां के स्थानीय गयावाल पंडे भी शामिल रहेंगे. इस सुझाव को मंज़ूर करते हुए हाई कोर्ट ने 7 सदस्यीय कमिटी के गठन का निर्देश गया के डीएम को दिया. 


 इस कमिटी में गया के डीएम (अध्यक्ष ), एसपी , नगर आयुक्त और जिला जज व उसके समतुल्य एक ज्यूडिशियल अफ़सर (सचिव ), दो सदस्य गयावाल पंडा के प्रतिनिधियों से और एक विख्यात सामाजिक कार्यकर्ता जिसको डीएम चयनित करेंगे. इस कमिटी के जिम्मे  मंदिर, तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों के दर्शन लाभ  का प्रबंधन, सुरक्षा, मंदिर इलाके की सफाई, स्वच्छता और फल्गु नदी में गिरने वाले नाले की  गंदगी का सीवरेज ट्रीटमेंट का उचित व्यवस्था वगैर मुख्य कार्य होंगे. 


इस मामले में डीएम को कमिटी के गठन और उसके कार्यकलाप का ब्यौरा अगली सुनवाई को कोर्ट में पेश करना होगा. मामले की अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी.