Bihar School News : बिहार के खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड स्थित एकनिया मध्य विद्यालय में एक शिक्षक द्वारा छात्राओं को कथित तौर पर कठोर सजा दिए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि किताब का सही उच्चारण नहीं कर पाने पर कक्षा छह की छात्राओं को लगातार उठक-बैठक करने के लिए मजबूर किया गया। इस दौरान नौ छात्राएं बेहोश हो गईं। घटना के बाद स्कूल परिसर में हंगामा मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण व अभिभावक पहुंच गए। सभी छात्राओं को तत्काल मानसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य होने पर घर भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब सामाजिक विज्ञान की कक्षा चल रही थी। छात्राओं का आरोप है कि शिक्षक आनंद कुमार पाठ का उच्चारण करा रहे थे। कुछ छात्राएं सही तरीके से शब्दों का उच्चारण नहीं कर सकीं, जिससे शिक्षक नाराज हो गए। आरोप है कि पहले उन्होंने कुछ छात्राओं को डांटा और पीटा, फिर पूरी कक्षा की कई छात्राओं को लगातार उठक-बैठक करने की सजा दे दी। छात्राओं का कहना है कि उनसे करीब 208 बार उठक-बैठक कराई गई, जिसके कारण नौ छात्राएं अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं।
बेहोश होने वाली छात्राओं में साधना कुमारी, शाम्भवी कुमारी, ज्योति कुमारी, शिवानी कुमारी, प्रिया कुमारी, निजा कुमारी, मीनाक्षी कुमारी, चांदनी कुमारी और सीता कुमारी शामिल हैं। सभी की उम्र 11 से 13 वर्ष के बीच बताई गई है। स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से सभी छात्राओं को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। चिकित्सकों के अनुसार सभी छात्राओं की तबीयत अब सामान्य है।
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक विद्यालय पहुंच गए। लोगों ने शिक्षक के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग करते हुए करीब दो घंटे तक हंगामा किया। अभिभावकों का आरोप था कि बच्चों को अनुशासन सिखाने के नाम पर अमानवीय व्यवहार किया गया है। उन्होंने संबंधित शिक्षक के तत्काल निलंबन, स्थानांतरण और विभागीय कार्रवाई की मांग की।
स्थिति तनावपूर्ण होते देख मानसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी शिक्षक को भीड़ के गुस्से से बचाकर थाने ले गई। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस वाहन पर पथराव भी किया, जिससे वाहन का पिछला शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि पुलिस ने हालात पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीओ धनंजय कुमार, सदर एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन, बीडीओ राजीव कुमार, सीओ आमिर हुसैन, बीईओ धर्मेंद्र कुमार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी स्कूल तथा पीएचसी पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और अभिभावकों से बातचीत कर उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को भेज दी गई है। वहीं, डीईओ अमरेंद्र कुमार गोंड ने कहा कि बीईओ की रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। यदि जांच में शिक्षक की लापरवाही या अनुचित व्यवहार की पुष्टि होती है तो उनके खिलाफ शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सभी छात्राएं स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना स्कूलों में बच्चों के साथ अनुशासन बनाए रखने के तरीकों और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।





