Bihar News: बेतिया के DEO रजनीकांत प्रवीण के ठिकानों से कुबेर का खजाना मिला है. विशेष निगरानी इकाई ने 23 जनवरी की सुबह-सुबह जिला शिक्षा पदाधिकारी बेतिया रजनीकांत प्रवीण के घर पहुंच गई. रेड में करोड़ों रू के साथ-साथ अकूत संपत्ति का पता चला है. छापेमारी खत्म भी नहीं हुआ और शिक्षा विभाग ने बड़ा एक्शन ले लिया. विशेष निगरानी इकाई की छापेमारी के बाद शिक्षा विभाग ने आरोपी डीईओ रजनीकांत प्रवीण को सस्पेंड कर दिया है. शिक्षा विभाग ने जिस तेजी से भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारी(DEO) को सस्पेंड किया है, इससे दूसरे विभागों को सीख लेने की जरूरत है. नीतीश राज में कई ऐसे विभाग हैं जो भ्रष्टाचार के आरोपी, जिनके खिलाफ जांच एजेंसियां कार्रवाई करती हैं, उनके निलंबन की फाइल को दबाकर बैठे रहते हैं. लंबी अवधि बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती. परिवहन विभाग ने तो हद कर दिया है. अकूत संपत्ति अर्जित करने के मामले में निगरानी ब्यूरो ने परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक के ठिकानों पर सालों पहले छापेमारी की थी, पर विभाग ने आज तक आरोपी प्रवर्तन अवर निरीक्षक को सस्पेंड नहीं किया.
छापा खत्म नहीं हुआ और बेतिया डीईओ हुए सस्पेंड
गुरुवार की सुबह से ही DEO रजनीकांत प्रवीण के कई ठिकानों पर एक साथ विजिलेंस की टीम ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान दो करोड़ से अधिक कैश एवं अचल संपत्ति बरामद किया गया। आय से अधिक संपत्ति, गंभीर भ्रष्टाचार एवं घोर कदाचार के इस मामले के आरोपी डीईओ रजनीकांत प्रवीण को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान प्रवीण का मुख्यालय क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पूर्णिया प्रमंडल निर्धारित किया गया है।
शिक्षा विभाग से सीख ले परिवहन विभाग
किशनगंज के तत्कालीन परिवहन दारोगा (प्रवर्तन अवर निरीक्षक) विकास कुमार के खिलाफ 25 अप्रैल 2023 को डीए केस संख्या 19-23 दर्ज हुआ था. निगरानी ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज कर परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक विकास कुमार के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. हद तो तब हो गई जब 25 अप्रैल 2023 से 23 जनवरी 2025 आ गया, परिवहन विभाग ने भ्रष्टाचार के आरोपी परिवहन दारोगा को आज तक सस्पेंड नहीं किया है. बड़ा सवाल यही है कि भ्रष्टाचार के आरोपियों से परिवहन विभाग इतनी हमदर्दी क्यों रखता है ? पूरे मामले तो विभाग के वरीय अधिकारी हीं कटघरे में हैं.
समस्तीपुर के तत्कालीन प्रवर्तन अवर निरीक्षक श्यामनंदन प्रसाद के खिलाफ 2 दिसंबर 2019 को निगरानी ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस किया था. डीए केस संख्या- 47-19 दर्ज है. आज तक इस केस को अनुसंधान में ही रखा गया है. निगरानी विभाग का रिकार्ड यही बता रहा है. हद तो तब हो गई जब भ्रष्टाचार के आरोपी को निलंबित भी नहीं किया गया.





