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land reform department Bihar: दाखिल–खारिज में देरी पर सरकार सख्त: फर्जीवाड़े की जांच को स्पेशल टीम, मार्च तक सभी लंबित मामलों के निष्पादन का लक्ष्य

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दाखिल–खारिज में देरी को जनता की बड़ी समस्या बताते हुए सख्त निर्देश दिए। फर्जी कागजात पर कार्रवाई और मार्च तक सभी लंबित मामलों के निष्पादन का लक्ष्य तय किया गया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 10, 2025, 3:06:36 PM

land reform department Bihar: दाखिल–खारिज में देरी पर सरकार सख्त: फर्जीवाड़े की जांच को स्पेशल टीम, मार्च तक सभी लंबित मामलों के निष्पादन का लक्ष्य

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land reform department Bihar: बिहार में दाखिल–खारिज और भूमि संबंधी कार्यों में हो रही देरी को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर अब सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि दाखिल–खारिज सेवाओं में विलंब आम जनता की सबसे बड़ी समस्या है और इसे खत्म करना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दाखिल–खारिज एवं परिमार्जन प्लस पोर्टल से जुड़े सभी आवेदनों का समय पर और हर हाल में निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।


अनावश्यक रिजेक्ट और रेफर पर रोक, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी

उपमुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि कई अधिकारियों द्वारा बिना उचित कारण आवेदनों को रिजेक्ट या रेफर किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को बार–बार कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। उन्होंने इस प्रवृत्ति को तुरंत रोकने का आदेश दिया। इसके साथ ही ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिलावार सूची तैयार की जा रही है, जिनके पास सबसे अधिक आवेदन लंबित या अनावश्यक रूप से रिजेक्ट किए गए हैं। इस सूची के आधार पर विशेष समीक्षा होगी और दोषी पाए जाने वालों पर विभागीय कार्रवाई भी तय मानी जा रही है।


फर्जी कागजात पर नजर रखने के लिए राज्यस्तरीय स्पेशल टीम

भूमि विवादों और दाखिल–खारिज प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों के उपयोग की लगातार मिल रही शिकायतों को ध्यान में रखते हुए उपमुख्यमंत्री ने राज्यस्तरीय स्पेशल टीम के गठन की घोषणा की। यह टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी। फर्जी दस्तावेज, लंबित परिमार्जन मामले और अनावश्यक रूप से लंबित पड़े दाखिल–खारिज आवेदनों की जांच की जाएगी। टीम पीड़ितों से मिलकर उनका पक्ष सुनेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


मार्च 2026 तक सभी लंबित मामलों के निष्पादन का लक्ष्य

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने लक्ष्य तय किया है कि मार्च तक सभी सही और वैध लंबित दाखिल–खारिज एवं परिमार्जन प्लस आवेदनों का निष्पादन हर हाल में पूरा किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि जनता को राहत देना और कार्यालयों की दक्षता बढ़ाना है। उन्होंने आदेश दिया कि हर आवेदन की गहन समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी आवेदक बिना वजह परेशान न हो।


कर्मचारियों की जवाबदेही तय, पंचायत स्तर पर सूची होगी प्रदर्शित

उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी राजस्व कर्मचारी अपने निर्धारित पंचायत कार्यालय में ही बैठें। सभी अंचल कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची चस्पा की जाएगी। पंचायत स्तर पर भी जिम्मेदार लोगों की सूची और संबंधित नक्शा लगाया जाएगा, ताकि आम जनता को जानकारी मिल सके कि किस काम के लिए किससे संपर्क करना है।


सभी अंचलों की CCTV से निगरानी, मुख्यालय में बनेगा कंट्रोल कमांड सेंटर

राजस्व कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी अंचलों की CCTV से निगरानी होगी। इसके लिए मुख्यालय में एक कंट्रोल एवं कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां से सभी गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखी जाएगी। इससे मनमाने तरीके से फाइलें रोकने या जनता से दुर्व्यवहार की घटनाओं पर तुरन्त कार्रवाई संभव हो सकेगी।


भूमि सुधार जनकल्याण संवाद प्रदेशभर में: शुरुआत 12 दिसंबर से

जनता की प्रत्यक्ष शिकायतें सुनने और भूमि विवादों का समाधान देने के लिए ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ कार्यक्रम की शुरुआत 12 दिसंबर को पटना से हो रही है। 15 दिसंबर को लखीसराय में भी कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें स्वयं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा मौजूद रहेंगे। इस संवाद का उद्देश्य है कि भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान मौके पर हो और जनता को राहत मिले।


कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

फर्जी कागजात के आधार पर दाखिल–खारिज प्रक्रिया में बाधा डालने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उपयुक्त धाराओं में कठोर कार्रवाई की तैयारी है। सरकार साफ संदेश दे रही है कि अब फर्जीवाड़ा, रिश्वतखोरी और फाइल रोककर जनता को परेशान करने की प्रवृत्ति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


कुल मिलाकर, सरकार ने भूमि सुधार और दाखिल–खारिज प्रक्रिया में तेजी लाने तथा पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। आने वाले महीनों में इन प्रयासों का असर आम लोगों को सीधे तौर पर राहत के रूप में दिखने की उम्मीद है।