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Bihar News: खजाना लुटवाने वाले RCD के 'इंजीनियरों' पर कब होगा एक्शन..? डिप्टी CM बोले- अभी भी जांच जारी है...दोषी संवेदक-अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई करेंगे

पथ निर्माण विभाग के गया प्रमंडल में 26 करोड़ के फर्जीवाड़े में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताया है कि हमने झारखंड सरकार के सचिव के पास एक टीम भेजी थी. उन्होंने 7 दिनों का समय लिया था, पर अब तक रिपोर्ट नही आई है.

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Viveka Nand
6 मिनट

Bihar News: 1st bihar/Jharkhand ने 25 दिसंबर 2024 को पथ निर्माण विभाग में करोड़ों की गड़बड़ी का खुलासा किया था. खुलासे के बाद विभाग के अंदर हड़कंप मचा, शुरूआत में मामले को दबाने की कोशिश की गई. मामला गंभीर था, लिहाजा पथ निर्माण विभाग के मंत्री सह डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने 28 जनवरी 2025 को प्रेस कांफ्रेंस कर स्वीकार किया था, ''पथ प्रमंडल गया में 26 करोड़ की राशि का फर्जीवाड़ा किया गया''. यह खेल पूर्व पथ निर्माण मंत्री सह पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के कार्यकाल में हुआ है. सरकार के स्वीकार करने के महीने भर बाद भी मामला कार्रवाई तक नहीं पहुंची है. आज फिर से डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि हम न तो संबंधित इंजीनियर को छोड़ेंगे और न ही, संवेदक को. झारखंड सरकार के सचिव ने सात दिनों का समय लिया था, अवधि पूरी होने के बाद भी उन्होंने जानकारी नहीं दी है. पूरी जांच के बाद हर हाल में कार्रवाई करेंगे.

इंतजार करिए...होगी कार्रवाई 

बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि, गया पथ प्रमंडल में 26 करोड़ के अवैध भुगतान का मामला सामने आया था. एजेंसी ने गलत विपत्र प्रस्तुत कर राशि निकासी की है, अभियंताओं से मिली भगत कर भुगतान के साक्ष्य मिले हैं.स्टोन चिप्स की ढुलाई पाकुड़ से करने का मामला पाया गया था. जांच जारी है, दोषी संवेदक और इंजीनियर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हमने झारखंड सरकार के सेक्रेटरी के पास टीम को भेजे थे. उन्होंने एक सप्ताह का समय लिया था. लेकिन अभी तक उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी है .जांच के बाद संवेदक को काली सूची में डालेंगे. साथ ही संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई करेंगे.

28 जनवरी 2025 को डिप्टी सीएम ने क्या कहा था...

पथ निर्माण विभाग के मंत्री विजय सिन्हा ने तब कहा था कि तेजस्वी यादव के मंत्रित्व काल में पथ निर्माण विभाग को वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया .डिप्टी सीएम ने साफ कहा कि राजा कंस्ट्रक्शन को संरक्षण देने वालो पर भी कार्रवाई होगी. उन्होंने बताया कि सांसद सुरेंद्र यादव से भी कंपनी का लगाव है. डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 1st bihar/Jharkhand के खुलासे को प्रमाणित किया था. उन्होंने कहा था कि पथ प्रमंडल गया-1 में पूरा खेल किया गया. पथ प्रमंडल गया के अंतर्गत बजीरगंज-तपोवन पथ 19.18  किलोमीटर, जमुआ - सेवतर पथ  17.5 किलोमीटर, भिंडस - चमण्डीह पथ 21.3 किलोमीटर के निर्माण समाग्री में बड़ा खेल किया गया है. जांच में इन तीनों पथों के निर्माण में भारी गड़बड़ी का पता चला है. पत्थर के एक्सट्रा कैरेज को लेकर शिकायत थी.  राजा कंस्ट्रक्शन के द्वारा काम किया गया था. इस कंपनी के सभी कार्यों की समीक्षा की जाएगी. डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने आगे कहा कि 2016 में 26 करोड़ से अधिक राशि को अवैध और गलत तरीके से भुगतान किया गया है. तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री तेजस्वी यादव के कार्यकाल में गड़बड़ी हुई थी. उस समय सत्ता में बैठे लोगों ने गड़बड़ी की और दोषी पदाधिकारी पर कार्रवाई नहीं की.  

जानें पूरा मामला.......

बता दें, 1ST Bihar/Jharkhand  के खुलासे के बाद 27 दिसंबर 2024 को पथ प्रमंडल गया के कार्यपालक अभियंता से शो-कॉज पूछा गया था.1ST Bihar/Jharkhand ने 25 दिसंबर 2024 को प्रमाण के साथ खुलासा किया कि पथ निर्माण विभाग के पथ प्रमंडल सं-1 गया में फर्जीवाड़ा कर करोड़ों-करोड़ का घोटाला हुआ है. आंतरिक खुलासा खुद गया के कार्यपालक अभियंता ने ही कराया, पर दबाकर बैठे रहे. पथ प्रमंडल-1 गया के कार्यपालक अभियंता ने 6 अगस्त 2024 को पत्र सं.1257 के माध्यम से पाकुड़ (झारखंड) के खनन अफसर को पत्र लिखा. जिसमें इनके कार्यालय (खनन कार्यालय पाकुड) से जारी कुल 6 पत्रों को सत्यापित करने को कहा. पत्र सं-312/M,06.04.2015, 370/M 24.04.2015, 408/M 14.05.15, 379/M 02.05.2015, 398/M 13.05.2015 एवं 13.05.2015 DATE 13.05.2015 (सभी पत्र 2015 के हैं) को सत्यापित करने को कहा. पाकुड के खनन कार्यालय से सत्यापित करने को कहा गया कि यह चिट्ठी आपके कार्यालय से जारी हुआ है या नहीं ? पथ प्रमंडल गया के कार्यपालक अभियंता ने बजाप्ता अपने एक सहायक अभियंता निशांत राज को इस काम के लिए प्राधिकृत किया था.  

 पाकुड के खनन अधिकारी ने 8 अगस्त 2024 को ही दिया था जवाब

पथ प्रमंडल-1 गया के कार्यपालक अभियंता के पत्र संख्या 1257 के आलोक में जिला खनन पदाधिकारी पाकुड़ (झारखंड) ने 8 अगस्त 2024 को जवाब भेजा। जिसमें जानकारी दी गई है कि उपरोक्त सभी पत्र कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल -1 गया को निर्गत नहीं है। पाकुड के खनन पदाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया कि जिस 6 पत्रों के बारे में उल्लेख किया गया है, वह उनके कार्यालय से जारी नहीं है, यानि उपरोक्त सभी पत्र फर्जी हैं।

Extra कैरेज कॉस्ट के रूप में करोड़ों का हुआ भुगतान 

बता दें, आरोप है कि फर्जी पत्र लगवाकर पथ प्रमंडल-1 गया ने राजा कंस्ट्रक्शन कंपनी को करोड़ों रु (extra कैरेज कॉस्ट) का भुगतान किया है। E.E. गया और पाकुड़ के खनन अफसर के बीच हुए पत्राचार का दोनों पत्र हमारे पास  मेरे पास है। पूरा मामला  Extra कैरेज कॉस्ट का भुगतान का है. झारखंड के पाकुड खनन कार्यालय का फर्जी पत्र लगाकर 2015-16 में करोड़ों का भुगतान लेने की बात है. सड़क निर्माण में लगने वाले पत्थर को झारखंड से लाने का फर्जी पत्र स्वीकार कर पथ प्रमंडल गया-1 के कार्यपालक अभियंता ने निर्माण कंपनी राजा कंस्ट्रक्शन को Extra कैरेज कॉस्ट का भुगतान किया है.

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता