Budget Session : बिहार विधानसभा बजट सत्र का आज चौथा दिन काफी अहम माना जा रहा है। आज वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा की शुरुआत होगी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीति के साथ सदन में उतरेंगे। इस दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर सदस्यों द्वारा सरकार से सवाल भी पूछे जाएंगे। साथ ही कानून व्यवस्था का मुद्दा भी सदन में जोरदार तरीके से उठने की संभावना जताई जा रही है।
बजट सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री एवं सदन के नेता नीतीश कुमार विधानसभा पहुंचे। उनके साथ मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहे। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों पर चर्चा का दौर प्रारंभ होगा। सरकार की ओर से राज्य के विकास, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास से जुड़े योजनाओं को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को रखा जाएगा।
सरकार का दावा है कि इस बार का बजट राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। विशेष रूप से युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण, कृषि क्षेत्र के विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही सरकार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार और नए विकास कार्यों को भी बजट में शामिल करने की बात कह रही है।
वहीं विपक्ष इस बजट को लेकर पहले से ही सरकार पर हमलावर नजर आ रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार केवल घोषणाएं करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो पाता है। विपक्ष के नेता कानून व्यवस्था, बढ़ते अपराध, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार इस पर नियंत्रण पाने में विफल साबित हो रही है।
आज की कार्यवाही के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े प्रश्न भी सदन में पूछे जाएंगे। सदस्य अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों, योजनाओं की स्थिति और सरकारी परियोजनाओं की प्रगति को लेकर सवाल उठा सकते हैं। इससे सरकार को विभागीय स्तर पर जवाब देना होगा और योजनाओं की स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
राजनीतिक दृष्टिकोण से भी आज का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष सरकार की उपलब्धियों को गिनाएगा, जबकि विपक्ष सरकार की नीतियों और योजनाओं की खामियों को उजागर करने का प्रयास करेगा। पिछले कुछ दिनों से सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली है, ऐसे में आज भी हंगामे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
बजट सत्र के दौरान सरकार के लिए यह चर्चा बेहद अहम है क्योंकि इसी के आधार पर आगामी वित्तीय वर्ष में विकास योजनाओं की दिशा तय होगी। सरकार इस बजट को राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और जनता को राहत देने वाला बता रही है। वहीं विपक्ष इसे जनता को गुमराह करने वाला बजट करार दे रहा है।
अब सबकी नजरें आज की सदन की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष अपने प्रस्तावों को किस तरह प्रस्तुत करता है और विपक्ष सरकार को किस हद तक घेरने में सफल होता है। बिहार की राजनीति के लिहाज से आज का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।