ब्रेकिंग
अमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाजेडीयू की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नीतीश कुमार के अध्यक्ष पद पर लगी मुहर, उमेश कुशवाहा को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की कमान अमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाजेडीयू की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नीतीश कुमार के अध्यक्ष पद पर लगी मुहर, उमेश कुशवाहा को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की कमान

CM नीतीश से चिराग पासवान ने कर दी बड़ी मांग, कहा - कानू, हलवाई समेत इन जातियों को SC-ST में शामिल करें सरकार

PATNA : लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने नीतीश सरकार से बड़ी मांग कर डाली है। चिराग ने कहा कि- कानू, हलवाई, नोनिया, बेलदार, बढ़ई, कुम्हार, बिंद, नाई, तुरहा, तमोल

CM नीतीश से चिराग पासवान ने कर दी बड़ी मांग, कहा - कानू, हलवाई समेत इन जातियों को SC-ST में शामिल करें सरकार
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA : लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने नीतीश सरकार से बड़ी मांग कर डाली है। चिराग ने कहा कि- कानू, हलवाई, नोनिया, बेलदार, बढ़ई, कुम्हार, बिंद, नाई, तुरहा, तमोली, चंद्रवंशी जाति को अनुसूचित जाति जबकि लोहार को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग की है।  उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी राज्य ने ऐसा किया है और यह उचित भी है। 


चिराग पासवान ने कहा कि उन्होंने कहा कि इन 12 जातियों का आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन को देखते हुए, इन जातियों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने के लिए वर्ष 2000 में ही विधानसभा और विधान परिषद से प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार को भेजा गया था। लेकिन उस समय की सरकार ने इसपर कोई ध्यान नहीं दिया। 


इसके आगे उन्होंने कहा कि,  झारखंड राज्य अलग बनाने का और इन 12 जातियों को अनुसूचित-जनजाति में शामिल करने का प्रस्ताव एक ही दिन पारित कराकर केन्द्र सरकार को भेजा गया था। झारखंड राज्य का गठन तो तुरंत हो गया, परन्तु इन जातियों का मामला अधर में लटका दिया। यह अपने आप में एक ऐतिहासिक फैसला है। 


आपको बताते चलें कि, चिराग पासवान की इस मांग यदि सरकार मान लेती है और इन 12 जातियों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति में शामिल करती है तो नौकरी से लेकर चुनाव तक में एससी-एसटी आरक्षण का फायदा इन जातियों भी मिलेगा। वर्तमान समय में जो एससी-एसटी जातियां हैं, उन्हीं के कोटे से इनको आरक्षण मिलेगा। राजनीतिक जानकार बताते हैं कि चिराग का कोर वोटर पासवान है, जिसको एससी आरक्षण का बहुत फायदा मिला है। ऐसे में ये देखना बड़ा ही दिलचस्प होगा कि पासवान समेत मौजूदा एससी जातियों को चिराग पासवान की यह मांग पसंद आएगी या नहीं।