1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 29, 2025, 7:26:39 AM
बिहार का मौसम - फ़ोटो GOOGLE
Bihar Weather: बिहार में मानसून ने अब अपने पूरे रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं, जिसके चलते राजधानी पटना सहित कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है। सोमवार देर रात हुई बारिश ने पटना को पानी-पानी कर दिया, जिससे कई इलाके, जैसे राजेंद्र नगर और कंकड़बाग, तालाब और झील में तब्दील हो गए। सड़कों पर जलभराव से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, पटना और पूसा के ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 1-2 दिनों तक पटना में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। दक्षिण बिहार में मानसून की मजबूत स्थिति के कारण भारी बारिश हो रही है, जबकि उत्तर बिहार में यह कमजोर पड़ रहा है।
IMD ने 29 जुलाई को बिहार के कई जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। जमुई, बांका, भागलपुर, और अररिया में कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा नवादा और मुंगेर जैसे जिलों में भी एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना के साथ येलो अलर्ट जारी है। दक्षिण बिहार के जिलों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएँ चलने और वज्रपात की आशंका को देखते हुए भी येलो अलर्ट लागू है। अगले 3-5 दिनों तक बिहार के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है
इधर पटना में सोमवार को 106 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसने शहर के निचले इलाकों को जलमग्न कर दिया। पटना जंक्शन पर रेलवे ट्रैक पर पानी जमा होने और नवादा के सदर अस्पताल में वार्डों में पानी घुसने से मरीजों और यात्रियों को भारी दिक्कत हुई। स्थानीय प्रशासन ने जल निकासी के लिए पंप लगाए हैं, लेकिन कंकड़बाग और राजेंद्र नगर जैसे क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बरकरार है। दक्षिण बिहार में मानसून की सक्रियता के कारण पटना में अभी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा
भागलपुर में सोमवार को 62 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और अधिकतम तापमान में कमी आई। बीएयू के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल अधिकारी ने बताया है कि 30 जुलाई तक बादल ऐसे ही छाए रहेंगे और एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे निचली और मध्यम ऊँचाई वाली जमीन पर धान की रोपाई शुरू कर दें क्योंकि मौजूदा बारिश खरीफ फसलों के लिए अनुकूल है।