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बिहार में नहीं रूकेगा वोटर लिस्ट को दुरूस्त करने का काम: चुनाव आयोग ने विपक्षी नेताओं को दिया दो टूक जवाब, जानिये कैसे मतदाता सूची में जुड़ेगा आपका नाम?

बिहार में वोटर लिस्ट के सुधार पर मचा सियासी बवाल जारी रहेगा. आरजेडी और कांग्रेस समेत 11 विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) नहीं रुकेगा. आयोग ने सभी योग्य मतदाताओं से अपील की है कि

Bihar
बेहद जरूरी है वोटर लिस्ट में सुधार
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Jitendra Vidyarthi
8 मिनट

DELHI: विपक्षी पार्टियों के तमाम विरोध के बावजूद चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में वोटर लिस्ट को दुरूस्त करने का काम नहीं रूकेगा. चुनाव आयोन ने बिहार चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) काम शुरू किया है. आरजेडी, कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियां इसका विरोध कर रही हैं. बुधवार को INDIA ब्लॉक के 11 दलों के प्रतिनिधिमंडल ने इसे लेकर बुधवार को चुनाव आयोग से मुलाकात की थी. इसके बाद चुनाव आयोग ने विस्तृत जवाब दिया है. आयोग ने कहा है कि वोटर लिस्ट के गहन पुनरीक्षण का काम नहीं रूकेगा. विपक्षी पार्टियों को इसमें मदद करना चाहिये.


बता दें कि विपक्षी INDIA ब्लॉक की 11 पार्टियों के नेताओं ने बिहार में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में संशोधन को लेकर चुनाव आयोग से मुलाकात की थी. इन पार्टियों ने चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट में सुधार के फैसले को 'वोटबंदी' का नाम दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू तथा डॉ. विवेक जोशी के सामने विपक्षी पार्टियों ने वोटर लिस्ट में सुधार की प्रक्रिया पर आपत्ति जतायी थी. आज चुनाव आयोग ने विपक्षी पार्टियों की आपत्ति पर विस्तार से जवाब दिया है.


बेहद जरूरी है वोटर लिस्ट में सुधार

चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि आयोग ने राजनीतिक दलों की चिंताओं, मुद्दों और प्रश्नों को सुना है. उनके सामने बिहार में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया को स्पष्ट किया. यह प्रक्रिया बिहार में पूरी गति से चल रही है और सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), झारखंड मुक्ति मोर्चा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), माले, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के प्रतिनिधियों को पूरी जानकारी दी गयी. 


चुनाव आयोग (ECI) ने राजनीतिक दलों को जानकारी दी कि वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण(SIR) प्रक्रिया योजनाबद्ध, संरचित और चरणबद्ध तरीके से की जा रही है. इसका मकसद है सभी योग्य नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके. आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता है. 


चुनाव आयोग ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को बूथ लेवल एजेंट बनाकर इस प्रक्रिया में मदद करना चाहिये. अब तक बिहार के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने  1,54,977 बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) की नियुक्ति की है. उनकी सक्रिय भागीदारी से वोटर लिस्ट को अपडेट करने की प्रक्रिया पारदर्शी हो गयी है. मुख्य चुनाव आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने सभी राजनीतिक दलों से कहा वे अधिक से अधिक BLAs नियुक्त करें और इस प्रक्रिया में सहयोग करें. 


आयोग ने बताया कैसे जुड़ेगा वोटर लिस्ट में नाम

चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट को अपडेट करने की पूरी प्रक्रिया को फिर से स्पष्ट किया है. आयोग ने कहा कि ये पूरा काम पांच चरणों में होगा. 

पहला चरण (25 जून से 3 जुलाई 2025 तक):

नामांकन फॉर्म (Enumeration Forms - EFs) को 7.90 करोड़ मतदाताओं में वितरित किया जा रहा है.

23 जून 2025 की मतदाता सूची के रिकॉर्ड के आधार पर EROs द्वारा पहले से नाम भर कर प्री-फिल्ड फॉर्म तैयार किए गए हैं. पूरे बिहार में 77,895 BLO के अलावा 20,603 अतिरिक्त BLO घर-घर जाकर फॉर्म बांट रहे हैं. इस फॉर्म को ECI के पोर्टल (https://voters.eci.gov.in) से डाउनलोड किया जा सकता हैं. राजनीतिक दलों द्वारा बनाये गये बूथ लेवल एजेंट रोज अधिकतम 50 प्रमाणित फॉर्म जमा कर सकते हैं.

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दूसरा चरण (अब से 25 जुलाई 2025 तक):

इस चरण में मतदाता BLO की सहायता से फॉर्म भरकर जमा करेंगे. इस काम के लिए 4 लाख स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है. इनमें सरकारी अधिकारी, NCC कैडेट्स, NSS के कैडेट्स शामिल हैं. ये सारे लोग  वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, गरीब और वंचित वर्गों के लोगों की खास तौर पर मदद करेंगे.

आयोग ने कहा है कि जिनके नाम 1 जनवरी 2003 की मतदाता सूची में हैं, उन्हें केवल नामांकन फॉर्म और सूची की प्रति जमा करनी है. उन्हें कोई दूसरा दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है. जिनके नाम 2003 की सूची में नहीं हैं, उन्हें जन्मतिथि के अनुसार दस्तावेज़ देना होगा. जानिये कौन कौन से दस्तावेज मान्य हैं.  

1.    1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे वोटर– स्वयं का दस्तावेज

2.    1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे वोटर – स्वयं और एक अभिभावक का दस्तावेज

3.    2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे वोटर– स्वयं और दोनों अभिभावकों के दस्तावेज


तीसरा चरण (25 जून से 26 जुलाई 2025 तक)

इस चरण में BLO फॉर्म जमा करेंगे और BLO ऐप के ज़रिए डेटा अपलोड करेंगे. फॉर्म के बदले में पावती रसीद दी जाएगी. ऑनलाइन फॉर्म जमा करेन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है. 


चौथा चरण (1 अगस्त 2025 को)

इस चरण में चुनाव आयोग नये वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशित करेगा. जो फॉर्म 25 जुलाई तक नहीं दिए गए, उनके नाम लिस्ट में नहीं होंगे. नागरिकता, उम्र (18 वर्ष या अधिक) और सामान्य निवास के आधार पर ERO/AERO द्वारा सभी फॉर्म की जांच की जाएगी. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की कॉपी सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मुफ्त दी जाएगी. अगर वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो Form 6 के जरिए बाद में भी नाम जुड़वाया जा सकता है. राजनीतिक पार्टियों के बूथ लेवल एजेंट हर रोज ऐसे10 फॉर्म जमा कर सकते हैं.


पांचवां चरण (1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक)

वोटर लिस्ट में सुधार का ये आखिरी चरण होगा. कोई भी नागरिक आपत्ति या दावा दायर कर सकता है. धारा 326 और RP Act, 1950 की धारा 16 और 19 के अनुसार आपत्तियों की जांच होगी. ड्राफ्ट सूची से कोई नाम बिना उचित प्रक्रिया और सुनवाई के नहीं हटाया जाएगा.सभी दावे/आपत्तियों की सूची ERO कार्यालयों और वेबसाइट पर जारी होगी. इसका सप्ताहिक अपडेट राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाएगा. 


अंतिम मतदाता सूची 

इन तमाम प्रकियाओं को पूरी करने के बाद चुनाव आयोग 30 सितंबर 2025 को फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन करेगा. फाइनल वोटर लिस्ट की हार्ड औऱ सॉफ्ट कॉपी सभी राजनीतिक दलों को निःशुल्क दिया जाएगा. अगर कोई मतदाता ERO के निर्णय से असंतुष्ट हो तो 15 दिनों के अंदर ज़िलाधिकारी के पास अपील कर सकता है. अगर उसे लगता है कि जिलाधिकारी के स्तर पर भी सही फैसला नहीं हुआ है तो वह 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के पास अपील कर सकता है. चुनाव आयोग से वोटर लिस्ट में सुधार की पूरी प्रक्रिया को फिर से जारी करते हुए कहा है कि बिहार के सभी योग्य नागरिक को इस विशेष अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिये ताकि कोई भी मतदाता छूटे नहीं.

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