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Vigilance Case: निगरानी ने अफसरों-कर्मियों के खिलाफ दर्ज करप्शन केस की कुंडली सार्वजनिक की, सभी विभागों के ACS- सचिव को भेजी गई रिपोर्ट,जानें...

Vigilance Case: बिहार में सैकड़ों सरकारी अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हैं, लेकिन कई केस में अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। निगरानी विभाग ने 5 मई को दर्ज मामलों की ताज़ा सूची सभी विभागों को भेजी है।

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Viveka Nand
3 मिनट

Vigilance Case: बिहार के सैकड़ों सरकारी अधिकारियों-कर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के केस दर्ज हैं. कई सरकारी सेवक के खिलाफ काफी पहले केस दर्ज हुआ पर जांच एजेंसी ने चार्जशीट दाखिल नहीं की. वो केस पेंडिंग पड़ा है. भ्रष्टाचार से जुड़े कई केस में जांच के नाम पर फाइल को दबाये रखने की भी खबरें आती हैं. वैसे निगरानी विभाग साल में दो बार जानकारी साझा करता है. किन सरकारी सेवकों के खिलाफ केस दर्ज हुआ,किनके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया. इसकी जानकारी दी जाती है. निगरानी विभाग ने 5 मई को एक बार फिर से निगरानी ब्यूरो, विशेष निगरानी इकाई और आर्थिक अपराध इकाई द्वारा दर्ज केस के बारे में जानकारी सार्वजनिक किया है.  

निगरानी विभाग के संयुक्त सचिव (विधि) अंजु सिंह ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव व सचिवों को पत्र भेजा है. 5 मई को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सरकारी अधिकारियों,कर्मियों को प्रोन्नति के लिए निगरानी स्वच्छता प्रमाण पत्र दिया जाता है. इस आलोक में विभिन्न अधिकारियों-कर्मियों के खिलाफ दर्ज केस-आरोप पत्रों की सूची दी जा रही है.

निगरानी विभाग के पत्र में कहा गया है कि विभिन्न सरकारी सेवकों के खिलाफ निगरानी ब्यूरो, आर्थिक अपराध इकाई एवं विशेष निगरानी इकाई द्वारा दिसंबर 2024 तक दर्ज केस , न्यायालय में दायर की गई चार्जशीट की सूची भेजी जा रही है. अब 30 जून तक के मामलों में अलग से स्वच्छता प्रमाण पत्र की अधियाचना, निगरानी विभाग से करने की जरूरत नहीं है. वैसे, किसी भी अधिकारी-कर्मी के खिलाफ केस दर्ज होने पर प्राथमिकी की जानकारी दी जाती है. ऐसे में दी गई इस जानकारी को अपने विभाग में अपडेट करा लें. निगरानी स्वच्छता का संधारण अपने-अपने विभाग में करा लें. निगरानी विभाग ने सभी विभागों के सचिव से कहा है कि प्रोन्नति के मामले के अतिरिक्त अन्य मामलों में अगर निगरानी स्वच्छता की जरूरत हो तब इसके लिए अलग से पत्राचार करें. 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता