1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 03 Feb 2026 10:32:48 AM IST
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Bihar Budget 2026 : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही आज शुरू हो गई है। सुबह निर्धारित समय पर विधानसभा की बैठक आरंभ होते ही सदन की कार्यवाही में राजनीतिक सरगर्मी देखने को मिली। आज के दिन का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा बिहार का आम बजट पेश करना है, जिसे राज्य के वित्त मंत्री विजयेंद्र प्रसाद यादव सदन में प्रस्तुत कर रहे हैं। बजट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह बजट राज्य के विकास की दिशा और सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेगा।
सत्र की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई, जिसमें विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाए। सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवालों पर सरकार की ओर से संबंधित मंत्रियों ने जवाब दिए। प्रश्नकाल के दौरान कुछ मुद्दों पर हंगामा भी देखने को मिला, हालांकि अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद कार्यवाही को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया गया। इसके बाद शून्यकाल में भी कई महत्वपूर्ण विषय उठाए गए, जिनमें महंगाई, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का मुद्दा प्रमुख रहा।
आज पेश होने वाले आम बजट को लेकर पहले से ही कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। माना जा रहा है कि इस बार का बजट विकास और सामाजिक कल्याण पर केंद्रित होगा। खास तौर पर ग्रामीण विकास, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर सरकार का विशेष फोकस रहने की उम्मीद है। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार सृजन और महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के लिए भी बजट में प्रावधान किए जा सकते हैं।
वित्त मंत्री विजयेंद्र प्रसाद यादव जब बजट भाषण के लिए खड़े होंगे, तो वे राज्य की आर्थिक स्थिति, पिछले वर्ष की उपलब्धियों और आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा सदन के सामने रखेंगे। बजट भाषण में राजस्व प्राप्ति, खर्च का अनुमान, घाटा या अधिशेष की स्थिति, केंद्र से मिलने वाली सहायता और राज्य सरकार की अपनी आय के स्रोतों पर भी प्रकाश डाला जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के लिए प्रस्तावित बजट आवंटन की जानकारी भी दी जाएगी।
सरकार का दावा है कि बिहार की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और विकास दर में सुधार देखने को मिल रहा है। ऐसे में यह बजट राज्य के समग्र विकास को गति देने वाला साबित हो सकता है। वहीं विपक्ष ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि वह बजट में खामियां निकालने और सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। विपक्ष का कहना है कि सरकार पिछले बजट में की गई घोषणाओं को पूरी तरह लागू नहीं कर पाई है, इसलिए इस बार केवल घोषणाओं के बजाय ठोस कार्ययोजना की जरूरत है।
बजट पेश होने के बाद सदन में इस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। सत्ता पक्ष जहां बजट को ऐतिहासिक और जनहितकारी बताएगा, वहीं विपक्ष इसे जनता की उम्मीदों पर खरा न उतरने वाला करार दे सकता है। आने वाले दिनों में बजट पर बहस के दौरान तीखी नोकझोंक और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
कुल मिलाकर, बिहार विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन राज्य की राजनीति और विकास के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। आज पेश होने वाला आम बजट न सिर्फ सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं को उजागर करेगा, बल्कि आने वाले समय में बिहार की विकास यात्रा की दिशा भी तय करेगा। राज्य की जनता की नजरें इस बजट पर टिकी हैं, क्योंकि इससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और भविष्य की संभावनाएं सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं।