1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 18 Feb 2026 01:13:09 PM IST
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Bihar politics : बिहार विधान परिषद में आज एक बार फिर राजनीतिक तनातनी देखने को मिली, जब राजद के एमएलसी सुनील कुमार सिंह और जदयू के मंत्री अशोक चौधरी के बीच गर्मागर्म बहस हुई। घटना तब हुई जब सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि मंत्री अशोक चौधरी की डिग्री संदिग्ध है और उनका कोई ज्ञान ही नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि “नकली डिग्री कैसे मिली, इस पर क्यों कुछ नहीं बताया जा रहा?”
इस पर अशोक चौधरी ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “अगर मेरे डिग्री को नकली साबित करना है तो सदन में करें, नहीं तो सुनील सिंह इस्तीफा दें ” उन्होंने चुनौती दी कि या तो उनकी डिग्री को नकली साबित किया जाए या सुनील सिंह विधान परिषद से इस्तीफा दें।
सुनील सिंह ने इसका जवाब देते हुए कहा कि पहले यह साबित करें कि जो व्यक्ति सप्लीमेंट्री सवाल पूछ रहा है, उसमें ज्ञान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक चौधरी बिना तथ्य के यह टिप्पणी कर रहे हैं। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच शब्दों का तीखा वार हुआ। सुनील सिंह ने चेतावनी दी कि “अधिक मत बोलिए, वरना आपकी डिग्री का काला कारनामा निकाल दूंगा।” तो अशोक चौधरी ने चुनौती स्वीकार करते हुए कहा, “अगर आपके पास कुछ है तो दिखाइए।”
संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने बीच-बचाव करते हुए कहा कि सदन में किसी सदस्य या मंत्री पर आरोप लगाने के लिए स्पष्ट दस्तावेज और कागजात दिखाना अनिवार्य है। उन्होंने सदन को याद दिलाया कि नियमावली के अनुसार बिना प्रमाण के किसी पर आरोप लगाना सदन की परंपरा के खिलाफ है। इसके बाद स्पीकर ने दोनों पक्षों को आपसी विवाद सदन में नहीं उठाने की हिदायत दी।
इस घटना से स्पष्ट हुआ कि विधान परिषद में सदस्य और मंत्री के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कभी-कभी इतना गर्म हो जाती है कि सदन के नियम और परंपरा को भी नजरअंदाज किया जाता है। आज की बहस में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता भी उजागर हुई।इस पूरी बहस ने फिर से बिहार विधान परिषद में नेताओं के बीच जारी राजनीतिक टकराव और कड़ा संवाद की झलक पेश की, जहाँ नियमों के बावजूद व्यक्तिगत आरोप सार्वजनिक मंच पर सामने आए।