ब्रेकिंग
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी✦दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

Bihar Bhumi: बेतिया राज की जमीनों के लिए नई नियमावली लाएगी सरकार, बिहार विधान परिषद में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का एलान

Bihar Assembly: बिहार विधान परिषद में बेतिया राज की जमीनों का मुद्दा उठा, जिस पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने नई नियमावली लाने का बड़ा एलान किया। सरकार ने दावा-आपत्ति और सुनवाई की प्रक्रिया तय कर कानूनी समाधान का भरोसा दिलाया।

Bihar Bhumi
© Bihar Vidhan Parishad TV
Mukesh Srivastava
4 मिनट

Bihar Bhumi: बिहार विधान परिषद में उ बेतिया राज की जमीनों का मामला उठा। विधान पार्षद सौरभ कुमार ने पूछा कि 1952 से जब भी बेतिया राज की जमीन बेचा और खरीदा गया तो किस आधार पर सरकार वसूली करती थी। जब बेतिया राज की जमीनें बिहार सरकार की थी हीं नहीं तो किस आधार पर रसीद कटता था और मालगुजारी ली जाती थी। इसपर राजस्व एवं भूमि सुधार के मंत्री ने जवाब दिया।


दरअसल, आरजेडी के विधान पार्षद सौरभ कुमार ने कहा कि बेतिया राज दो जिलों में बंट गया। एक पूर्वी चंपारण और दूसरा पश्चिम चंपारण। बेतिया राज के राजा थे और यह पूरा साम्राज्य उन्हीं का था। राजा की जब मृत्यु हो गई तो रानी बची थीं लेकिन वह उस हालत में नहीं थीं कि पूरे साम्राज्य को चला सकें। राजा ने जो जमीनें राज्य के लोगों को दान कर दी उनपर वैसे लोगों का मालिकाना हक हो गया लेकिन उसके बाद जो बची हुई जमीनें थी। अंग्रेज आ गए तो कुछ जमीनों को बंदोबस्त अंग्रेजों के नाम पर चला गया। अंग्रेजों ने बहुत की जमीनें किसानों को बंदोबस्ती पर दे दी। 2024 में ये जमीनें बिहार सरकार में समाहित हो गईं। 


उन्होंने पूछा कि किस आधार पर 1952 से जब भी जमीन बेचा गया और खरीदा गया तो किस आधार पर वसूली करती थी। जब बेतिया राज की जमीनें बिहार सरकार की थी हीं नहीं तो किस आधार पर रसीद कटता था और मालगुजारी ली जाती थी। उसके बाद बेतिया राज की कितनी ही जमीनों पर सरकारी अस्पताल चल रहे हैं और कॉलेज चल रहे हैं तो किस आधार पर राजा की जमीनों पर बिहार सरकार ने अस्पताल और कॉलेज खोल दिया? अगर खोल भी दिया तो उसका 2024 तक का किराया दे। इतना ही नहीं 2014 में सरकार ने जो राजा और उनकी रानी के नाम पर अस्पताल और कॉलेज थे उनका नाम तब बदल दिया। एक कहानत है कि माल महाराज का और मिर्जा खेले होली?


तब डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि प्रश्न से ज्यादा बड़ा तो पूरक सवाल हो गया। बंदोबस्ती के मामले में सभी साक्ष्यों के साथ दावा किए जाने की आवश्यकता होगी। जिसका नियमों के तहत निष्पादन किया जाएगा। वर्तमान में बेतिया राज एक्ट से संबंधित नियमावली बनाई जा रही है। मैरे लिए भी यह नया विषय है, इसका पूरी तरह से अध्ययन करेंगे, इससे जुड़े लोगों से भी मैं बात करूंगा। संबंधित जिले के डीएम, कमीशनर और जो-जो लोग इससे जुड़े हुए हैं उनसे भी सभी बातों की जानकारी लेंगे और चर्चा करेंगे।


उन्होंने कहा कि नई नियमावली में दावा आपत्ति और सुनवाई की व्यवस्था की जा रही है। यदि विधि संवत दावा पाया जाएगा तो उसकी मान्यता दी जाएगी, इनको घबराने की जरूरत नहीं है। विधि संवत बंदोबस्ती होगी। समस्या थोड़ी जटिल है और सरकार चिंतित है। कई तरह के प्रमाण हैं कि कुछ गलत तत्व, जो उसके संबंध में आज लोगों को परेशान कर रहे हैं, विधि व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। कोर्ट ऑफ वार्डस के तहत बेतिया राज की संपत्ति की देखरेख एवं प्रबंधन कोर्ट ऑफ वार्डस के द्वारा किया जाता रहा। बेतिया राज की भूमि पर अतिक्रम को हटाने के लिए संबंधित समाहर्ता को निर्देशित किया जाता रहा है और कार्रवाई भी की जाती रही है। सरकार पूरी गंभीरता से बहुत जल्द एक्ट बनाकर निर्णय लेगी। 

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता