Bihar News: नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक राज्य के सभी नगर निकायों को बेसिक एवं परफॉरमेंस अनुदान के रूप में कुल 9,169 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होगी। भारत सरकार से अनुदान की राशि विमुक्त होने के पश्चात इसे राज्य के नगर निकायों के बीच जनसंख्या एवं स्व-स्रोत राजस्व (OSR) के आधार पर 90:10 के अनुपात में आवंटित किया जाएगा।
इसके साथ ही, पटना नगर निगम के लिए प्रस्तावित विशेष अवसंरचना घटक एवं शहरीकरण प्रीमियम के तहत प्राप्त होने वाले अनुदान के प्रभावी उपयोग तथा विशेष अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा एवं स्वीकृति के लिए राज्यस्तरीय उच्च शक्ति प्राप्त संचालन समिति (SHPSc) एवं राज्यस्तरीय तकनीकी समिति (SLTC) के गठन को भी मंत्रिपरिषद से स्वीकृति प्रदान की गई है।
उन्होंने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं मंत्रिपरिषद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे राज्य के नगर निकायों को आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे तथा शहरी अवसंरचना के विकास एवं नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को नई गति मिलेगी।
नीतीश मिश्रा ने बताया कि इस निर्णय के माध्यम से भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका के अनुरूप 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में केंद्र सरकार से प्राप्त अनुदान की राशि राज्य के नगर निकायों को समयबद्ध रूप से विमुक्त की जा सकेगी। इससे नगर निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी तथा शहरी विकास एवं नागरिक सुविधाओं से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुरूप अनुदान का सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी आवंटन नगर निकायों की वित्तीय आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे नगर निकाय स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं को बेहतर ढंग से संचालित कर सकेंगे तथा नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य नगर निकायों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें अधिक सक्षम एवं उत्तरदायी बनाना है, ताकि शहरी क्षेत्रों में सड़क, जलापूर्ति, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास को निरंतर गति मिल सके।





