Bihar News: बिहार में राजस्व संग्रहण के लक्ष्य को पूरा नहीं करने वाले जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी है। परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने राजस्व संग्रहण में पिछड़ने वाले 10 से अधिक DTO को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। संबंधित जिलों में लक्ष्य के मुकाबले 40 प्रतिशत से भी कम राजस्व की वसूली हुई है।
शुक्रवार को परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने फुलवारी शरीफ स्थित बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के सभागार में सभी DTO के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने राजस्व संग्रहण, सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में सामने आया कि कई जिलों में राजस्व संग्रहण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। मुंगेर, कैमूर, सारण, जहानाबाद, मधेपुरा, लखीसराय, नवादा, बक्सर, खगड़िया और सहरसा में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 40 प्रतिशत से भी कम राजस्व संग्रहण हुआ है। मंत्री ने संबंधित DTO को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी स्वयं क्षेत्र में जाकर राजस्व संग्रहण में तेजी लाएं और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करें।
परिवहन मंत्री ने नवादा, कैमूर, गया और गोपालगंज समेत अन्य प्रमुख चेकपोस्टों पर तैनात प्रवर्तन अवर निरीक्षकों (ESI) को बॉडीवॉर्न कैमरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य चेकपोस्टों पर निगरानी और प्रवर्तन कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। बैठक के दौरान मंत्री ने पटना DTO कार्यालय के बाहर बनाए गए नए सेल्फी प्वाइंट 'आई लव पटना DTO' का उद्घाटन भी किया।
आगामी दिवाली और छठ पर्व को देखते हुए मंत्री ने बसों में ओवरलोडिंग रोकने के लिए विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा राज्य में जुगाड़ गाड़ियों पर पूरी तरह प्रतिबंध सुनिश्चित करने और वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) के बिना चलने वाले वाहनों के खिलाफ एक महीने तक विशेष अभियान चलाकर उन्हें जब्त करने का निर्देश दिया। मंत्री ने लंबित ड्राइविंग लाइसेंस (DL) आवेदनों का जल्द निपटारा करने को कहा। वहीं, DL कार्ड की खराब गुणवत्ता को लेकर मिल रही शिकायतों पर संबंधित एजेंसी को 15 दिनों के अंदर सुधार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने निर्माणाधीन ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल, बस स्टैंड निर्माण और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में भी तेजी लाने को कहा। हिट एंड रन के मामलों में DTO को संवेदनशीलता के साथ काम करने का निर्देश दिया, ताकि पीड़ितों और उनके परिजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और बिना परेशानी के मिल सके।
समीक्षा बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री राहत योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने सभी DTO को निर्देश दिया कि आयुष्मान भारत के तहत पंजीकृत अस्पतालों में इस योजना की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए।
इसके लिए जिला पदाधिकारियों (DM) और योजना के नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया। साथ ही थानों में भी जागरूकता फैलाने का सुझाव दिया गया, ताकि सड़क हादसों में घायल लोगों को पुलिस आयुष्मान भारत से संबद्ध अस्पतालों में भर्ती करा सके। बैठक में परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार, राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन, अपर सचिव प्रवीण कुमार समेत विभाग के अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।





