1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Apr 04, 2026, 1:50:28 PM
- फ़ोटो Google
Bihar News: सड़कों पर जबरन वसूली का खेल चल रहा. इस खेल में परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक-मोटर यान निरीक्षक व इनके शार्गिद शामिल हैं. जब पुलिस के कुछ इमानदार अधिकारियों ने वसूली गैंग पर प्रहार किया तो परिवहन विभाग का पूरा सिस्टम बैचेन हो उठा है. यह बेचैनी सचिवालय से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों में देखी जा रही है. तीन उदाहरण से समझाने की कोशिश करते हैं.
सड़क पर घूम रहा परिवहन विभाग का वसूली गैंग
परिवहन विभाग के वसूली गैंग पर हाल में पहली कार्रवाई मोतिहारी में की गई। 14 दिसंबर 2025 को गोपालगंज-मोतिहारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पीपराकोठी में परिवहन विभाग का प्रवर्तन अवर निरीक्षक वसूली कर रहा था. गिट्टी लदे एक ट्रक से ओवरलोडिंग के नाम पर अवैध वसूली के खिलाफ मालिक ने विरोध कर दिया. प्रमाण के साथ इसकी शिकायत पुलिस से की गई. पुलिस ने तत्काल वसूली कर रहे प्रवर्तन अवर निरीक्षक को हिरासत में ले लिया. हालांकि मामले को दबाने की कोशिश की जाती रही. इसी बीच खबर लीक हो गई और मीडिया में आ गई. इसके बाद मोतिहारी के पीपराकोठी पुलिस ने वसूली करते पकड़े गए प्रवर्तन अवर निरीक्षक हरिशंकर कुमार को गिरफ्तार दिखाया.
मोतिहारी में प्रवर्तन अवर निरीक्षक रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार
पूर्वी चंपारण पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने तब बताया था कि संग्रामपुर थाना क्षेत्र के भवानीपुर निवासी मृत्युंजय कुमार प्रकाश ने सूचना दी थी कि पीपराकोठी थानाक्षेत्र में एनएच पर प्रवर्तन अवर निरीक्षक द्वारा ओवरलोडिंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी. मेरे वाहन को भी रोक कर तीन हजार नकद तथा सात हजार रुपये स्कैनर के माध्यम से खाता में कुल दस हजार रुपये ले लिए. सूचना मिलने के साथ सदर-टू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जीतेश पांडे व थानाध्यक्ष धनंजय कुमार के नेतृत्व में छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने ऑन ड्यूटी पुलिस अधिकारी व जवानों के साथ तत्काल सूचना सत्यापन किया. घटना सत्य साबित होने के बाद पैसा लेने वाले पदाधिकारी की पहचान की गई। पहचान के बाद उन्हें तत्काल पुलिस हिरासत में ले लिया गया। इसी के साथ मृत्युंजन के आवेदन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित 2018 तथा बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर संबंधित पदाधिकारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
भोजपुर के महिला एमवीआई भतीजे से करा रही थी वसूली
दूसरी कार्रवाई भोजपुर में की गई। भोजपुर के महिला मोटरयान निरीक्षक का भतीजा बोर्ड लगी एमवीआई की गाड़ी से ट्रकों से वसूली कर रहा था. इसके बाद ट्रक मालिकों ने वसूली कर रहे मोटरयान निरीक्षक की गाड़ी को पकड़ लिया और भतीजे पर पुलिस के हवाले कर दिया. इस मामले को भी दबाने की कोशिश की गई. लेकिन पुलिस को एमवीआई के भतीजे को जेल भेजना ही पड़ा. अब मोटरयान निरीक्षक की भूमिका की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है.
अवैध वसूली में ईएसआई अरेस्ट
तीसरा हाई प्रोफाइल मामला गोपालगंज का है. इस मामले के सामने आने के बाद परिवहन मुख्यालय बेचैन हो उठा है. अवैध वसूली के खिलाफ गोपालगंज पुलिस ने 31 मार्च को बड़ी कार्रवाई की. एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक हेमंत कुमार प्रसाद को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. गोपालगंज एसपी को बलथरी चेकपोस्ट पर अवैध वसूली की शिकायतें मिली. इसी आधार पर कुचायकोट थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी परिवहन दारोगा को गिरफ्तार किया।
गोपालगंज में परिवहन दारोगा की गिरफ्तारी के बाद बेचैन हुआ विभाग
तीन महीने में दो प्रवर्तन अवर निरीक्षकों की गिरफ्तारी से बौखलाये परिवहन विभाग ने गोपालगंज के डीएम को पत्र लिख दिया. इससे विवाद और बढड गया. पत्र के बाद गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक ने करारा जवाब दिया . परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक हेमंत कुमार प्रसाद की गिरफ्तारी को लेकर उठे विवाद ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी. इसके बाद गुरुवार को गोपालगंज पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ किया कि गिरफ्तारी किसी दबाव या जल्दबाजी में नहीं, बल्कि विस्तृत जांच के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि होने पर की गई है। एसपी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस की अपनी तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) है, और उसी के तहत सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए यह कदम उठाया गया।
कानून से ऊपर कोई नहीं...विभाग का अधिकारी ही क्यों न हो- एसपी
उन्होंने दो टूक कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह किसी भी विभाग का अधिकारी क्यों न हो।उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अधिकारी को गिरफ्तारी की प्रक्रिया या नियमों को लेकर कोई अनभिज्ञता है, तो वह संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस बिना पर्याप्त साक्ष्य के इस तरह का कदम नहीं उठाती और हर कार्रवाई कानूनी दायरे में ही की जाती है।
डीएम ने जताई आपत्ति तो एसपी ने दिखाया आईना
दरअसल, एक दिन पहले परिवहन आयुक्त के पत्र का हवाला देते हुए जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने कहा था कि को पत्र लिखकर SOP के तहत किसी भी थाना या एसपी को परिवहन विभाग के अधिकारी या कर्मियों को सीधे गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है। हालांकि, एसपी ने इस पर स्पष्ट किया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत और पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।