1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 08, 2026, 7:35:39 AM
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Bihar teachers : बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी, संस्कृत और मदरसा विद्यालयों के शिक्षकों के लिए बड़ा ऐलान किया है। अब राज्य के लगभग 5.97 लाख शिक्षकों को हर महीने की पहली तारीख को ही वेतन मिलना अनिवार्य होगा। यह फैसला सरकारी स्कूलों के साथ-साथ संस्कृत विद्यालयों, अल्पसंख्यक स्कूलों, मदरसों और स्कूलों में तैनात गार्ड्स पर भी लागू होगा।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि वेतन भुगतान में किसी भी तरह की देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए 8 दिसंबर 2025 को जारी की गई मानक कार्यप्रणाली (SOP) को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्द्र ने सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को इस संबंध में आदेश भेजे हैं।
इस नई व्यवस्था से पहले शिक्षकों को वेतन पाने के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, कई बार फाइलें अटकी रहती थीं और उन्हें दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब डिजिटल भुगतान प्रणाली और कड़े निर्देशों के चलते यह प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो जाएगी।
शिक्षकों के लिए यह फैसला बेहद राहत देने वाला है। समय पर वेतन मिलने से वे अपने घर का खर्च, बच्चों की फीस और लोन की किस्तें आसानी से भर सकेंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे शिक्षक अधिक उत्साह और ईमानदारी के साथ बच्चों को पढ़ाने में योगदान देंगे।
सरकार का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और शिक्षकों की कार्यप्रणाली को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे शिक्षक-केंद्रित नीतियों में विश्वास बढ़ेगा और स्कूलों में शिक्षा का स्तर भी सुधरेगा।