1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 27, 2026, 2:09:04 PM
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बिहार विधानसभा में गुरुवार को शिक्षकों के आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) के दौरान रविवार और अन्य सरकारी छुट्टियों को छुट्टी में शामिल किए जाने के मामले पर जोरदार चर्चा हुई। सदन में उठाए गए सवाल में यह मुद्दा सामने आया कि वर्तमान व्यवस्था में जब शिक्षक आकस्मिक अवकाश लेते हैं, तो बीच में आने वाले रविवार या अन्य राजकीय अवकाश भी उनके छुट्टी दिनों में शामिल हो जाते हैं। इससे शिक्षकों के वास्तविक छुट्टी दिन कम हो जाते हैं और यह उन्हें नुकसान पहुंचा रहा है।
सदस्यों ने कहा कि इस समस्या को दूर करने के लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल में तकनीकी सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि आकस्मिक अवकाश के दौरान पड़ने वाले रविवार और अन्य छुट्टियां छुट्टी की गणना में शामिल न हों। इस मुद्दे पर सदन में जोरदार बहस और हंगामा भी देखने को मिला, जिसमें कई विधायक अपने-अपने विचार रख रहे थे।
इस पर शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में लागू व्यवस्था सही नहीं है और इसे तुरंत सुधारने का काम किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब से आकस्मिक अवकाश के दौरान रविवार और अन्य सरकारी छुट्टियों को छुट्टी में नहीं जोड़ा जाएगा। इसके लिए ई-शिक्षा कोष प्रणाली में आवश्यक तकनीकी संशोधन किए जाएंगे, ताकि शिक्षक अपने अधिकार के अनुसार सही संख्या में छुट्टियां ले सकें।
शिक्षकों के हित में यह कदम बड़ा राहत भरा साबित होगा। मंत्री के आश्वासन के बाद शिक्षकों को उम्मीद है कि अब वे आकस्मिक अवकाश के दौरान भी अपने छुट्टी दिनों से कोई नुकसान नहीं उठाएंगे। इससे शिक्षकों की कार्य संतुष्टि और मानसिक शांति दोनों में सुधार होगा।
बहरहाल, ई-शिक्षा पोर्टल में यह सुधार शिक्षकों की छुट्टी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाएगा और उन्हें उनके अधिकारों के अनुसार लाभान्वित करेगा। सरकार की इस पहल से शिक्षक वर्ग में सकारात्मक माहौल बनेगा और वे अपने पेशेवर कर्तव्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।