Bihar Teacher: पिछले 2 साल में 900 अनुशासनहीन गुरुजी पर कार्रवाई, कोई गांजा पीकर मस्त, कोई अश्लील हरकत में लिप्त

Bihar Teacher: पिछले 2 साल में बिहार में 900 शिक्षकों पर कार्रवाई, 264 निलंबित, 61 बर्खास्त। नशा, अश्लील हरकतें, और अनुपस्थिति के मामले। जानकर हो जाएंगे हैरान..

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 21, 2025, 7:53:09 AM

Bihar Teacher

प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar Teacher: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार ने शिक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। पिछले दो वर्षों में शिक्षा विभाग ने करीब 900 शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इसमें 264 शिक्षकों को निलंबित किया गया, 61 को बर्खास्त किया गया, और 280 के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हुई। सीतामढ़ी, सिवान, और जमुई जैसे जिलों में शिक्षकों की शर्मनाक हरकतें सामने आई हैं, जिनमें स्कूल समय में नशा करना, अश्लील व्यवहार, और अनुपस्थिति शामिल है।


शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने कई मामलों को स्वयं पकड़ा है, जहां शिक्षक स्कूल छोड़कर निजी कामों में व्यस्त थे। छात्रों और अभिभावकों द्वारा भेजे गए वीडियो ने भी इन हरकतों का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई। शिक्षकों की अनुचित गतिविधियों में स्कूल परिसर में गांजा और शराब का सेवन, क्लासरूम में अभद्र भाषा और अश्लील हरकतें, मोबाइल पर अनुचित वीडियो देखना, और व्हाट्सएप ग्रुप में आपत्तिजनक संदेश जैसे "पाकिस्तान आई लव यू" भेजना शामिल है। सिवान के रतनपुरा में हेडमास्टर नासिर अहमद को ऐसे संदेश भेजने के लिए निलंबित किया गया, जबकि सीतामढ़ी के बोखड़ा में प्रधानाध्यापक सुजीत तिवारी स्कूल में गांजा पीते पकड़े गए।


वहीं, जमुई के गिद्दौर में जवाहर रजक ने शराब के नशे में डांस किया, और सिवान के जीरादेई में एक शिक्षिका को क्लास में मेज पर पैर रखकर मोबाइल चलाने के लिए शोकॉज नोटिस जारी हुआ। सीतामढ़ी में 24 शिक्षकों का निलंबन और भागलपुर में 48 शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई सबसे अधिक रही। जिसके बाद शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता पर लगाम कसने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। ई-शिक्षाकोष पोर्टल के जरिए हाजिरी की निगरानी, जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण, और शिकायत पोर्टल जैसे उपाय लागू किए गए हैं।


शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाए रखना शिक्षकों की जिम्मेदारी है, और गलत आचरण बर्दाश्त नहीं होगा। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के सचिव आनंद मिश्रा ने शिक्षकों से पेशेवर व्यवहार की अपील की, लेकिन कुछ कार्रवाइयों को जल्दबाजी में लिया गया निर्णय भी बताया गया।