Bihar News: बिहार में विशेष पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची से हटाए गए लोगों पर सरकार अब और सख्ती बरतने जा रही है। जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके राशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे।
पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने बताया कि यह प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, जिसका उद्देश्य सीमांचल में घुसपैठ पर रोक लगाना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है। जानकारी के अनुसार, SIR के दौरान सीमांचल के चार जिलों से करीब पांच लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। अब इन लोगों की अन्य सरकारी सुविधाओं की भी जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि सीमांचल में संदिग्ध फंडिंग पर राष्ट्रीय एजेंसियों की नजर है। कई संस्थानों को चिन्हित कर उनकी वित्तीय जांच की जा रही है। इसके अलावा भारतीय खाद की नेपाल में कालाबाजारी पर रोक लगाने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। साइबर क्राइम, म्यूल अकाउंट और ‘गुंडा बैंक’ जैसे मामलों पर भी सख्ती बढ़ाई जाएगी।
वहीं, बिहार में विवाह कर बसने वाली नेपाली महिलाओं को भारतीय नागरिकता देने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इसके लिए सर्वे कर डेटा एकत्र किया जाएगा और संबंधित पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।प्रमंडलीय आयुक्त के अनुसार, यह केवल सीमांचल का मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय है। नेपाल और बांग्लादेश सीमा के पास स्थित इस क्षेत्र में सुरक्षा के साथ-साथ विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार द्वारा ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के तहत किशनगंज और अररिया के कई गांवों में विकास कार्य चल रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ वॉच टावर, बेहतर कनेक्टिविटी और नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।
आर्थिक मजबूती के लिए चाय और ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के साथ नई इंडस्ट्री स्थापित करने की भी योजना है। सीमांचल के विकास और सुरक्षा की समीक्षा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मई के पहले सप्ताह में बैठक करेंगे, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।



