UPSC Fake Claim : बिहार में एक और कारनामा: युवक ने UPSC पास होने का फर्जी दावा किया, विधायक- थानेदार से हुआ सम्मानित, भेद खुला तो दिल्ली भागा

बिहार के शेखपुरा में एक युवक ने यूपीएससी पास होने का फर्जी दावा कर पूरे इलाके को गुमराह कर दिया। उसके सम्मान में पूर्व विधायक और थानेदार तक पहुंच गए, लेकिन बाद में पता चला कि उसने कर्नाटक के एक अभ्यर्थी के रिजल्ट को अपना बताया था। भेद खुलते ही युवक द

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 11, 2026, 8:49:16 AM

UPSC Fake Claim : बिहार में एक और कारनामा: युवक ने UPSC पास होने का फर्जी दावा किया, विधायक- थानेदार से हुआ सम्मानित, भेद खुला तो दिल्ली भागा

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PATNA: बिहार में ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती जैसा एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है. शेखपुरा  जिले में यूपीएससी परीक्षा पास करने का झूठा दावा करने का एक और मामला आया है। एक युवक ने खुद को यूपीएससी में सफल बताकर पूरे इलाके को गुमराह कर दिया। 


युवक के फर्जी दावे के बाद उसे सम्मानित करने की होड़ मच गई थी. शेखपुरा के पूर्व विधायक ने उसके घर पहुंच के उसे सम्मानित किया था। स्थानीय थानेदार ने भी युवक को थाने में बुलाकर सम्मानित किया था. लेकिन अब असलियत सामने आ गई है. ऐसे में सम्मानित करने वाले थानेदार उस युवक को तलाश रहे हैं और फर्जीवाड़ा करने वाला युवक दिल्ली भाग गया है.


रंजीत का फर्जीवाड़ा

ये मामला शेखपुरा जिले के अरीरी प्रखंड की चौड़ दरगाह पंचायत के फतेहपुर गांव का है। गांव के रहने वाले रंजीत कुमार ने 6 फरवरी को यूपीएससी परीक्षा के परिणाम के बाद दावा किया कि वह परीक्षा पास कर गया है। उसने गांव के लोगों और परिचितों से कहा कि उसे यूपीएससी में सफलता मिली है।


विधायक, थानेदार ने किया सम्मानित

रंजीत के इस दावे की खबर गांव और आसपास के इलाकों में तेजी से फैल गई। खुशी के माहौल में लोग उसे बधाई देने लगे। यहां तक कि शेखपुरा के पूर्व राजद विधायक विजय सम्राट भी अपने समर्थकों के साथ रंजीत के घर पहुंच गए। उन्होंने युवक को माला पहनाकर और ब्रीफकेस के साथ साथ बुके देकर सम्मानित किया। गांव में मिठाइयां भी बांटी गईं और परिवार ने इस उपलब्धि का जश्न मनाया। स्थानीय थानेदार ने भी रणजीत को थाने में बुलाकर सम्मानित किया.


कर्नाटक के युवक के रिजल्ट को अपना बताया

हालांकि दो  दिन बाद ही इस दावे की सच्चाई सामने आ गई। बताया जा रहा है कि यूपीएससी के आधिकारिक परिणाम में रंजीत का नाम नहीं था। जांच में यह भी पता चला कि जिस उम्मीदवार का परिणाम सामने आया था, वह कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर का रहने वाला रंजीत कुमार था और उसने ऑल इंडिया रैंक 440 हासिल की थी।


भेद खुलते ही दिल्ली भागा 

जब यह जानकारी गांव के लोगों तक पहुंची तो पूरे मामले का भेद खुल गया। इसके बाद पुलिस को भी सूचना दी गई। बताया जाता है कि जैसे ही युवक को पुलिस की कार्रवाई की भनक लगी, वह गांव छोड़कर दिल्ली भाग गया। परिवार के लोगों ने बताया कि वह दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है और फिलहाल वहीं चला गया है।


पुलिस कर रही है जांच

स्थानीय थाना प्रभारी रामप्रवेश भारती ने  मीडिया को बताया कि युवक को थाने बुलाकर पूछताछ की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही वह गांव से निकल गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और युवक से पूछताछ के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


बताया जाता है कि रंजीत के कई दोस्त पहले से ही प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होकर अधिकारी बन चुके हैं। वह भी लंबे समय से दिल्ली में रहकर तैयारी कर रहा था। गांव के लोगों के अनुसार होली से पहले वह गांव आया था और 6 मार्च को यूपीएससी का परिणाम आने के बाद खुद को सफल बताने लगा था।


विधायक ने डिलीट की तस्वीर

इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो गया। वहीं सच्चाई सामने आने के बाद पूर्व विधायक विजय सम्राट ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से युवक को सम्मानित करते हुए डाली गई तस्वीरें हटा दी हैं।