national highway 333A : बिहार में सड़क विकास की नई लहर, NH--333A और फोर लेन को मिली रफ्तार; ये होंगे 11 बड़े जंक्शन

national highway 333A : बिहार के शेखपुरा में एनएच-333ए को फोर लेन बनाने का काम तेज हुआ है। बरबीघा से पंजवारा तक 190 किमी हाईवे चौड़ा होकर यात्रा, व्यापार और कनेक्टिविटी को नई गति देगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 19 Jan 2026 01:03:22 PM IST

national highway 333A : बिहार में सड़क विकास की नई लहर, NH--333A और फोर लेन को मिली रफ्तार; ये होंगे 11 बड़े जंक्शन

- फ़ोटो

national highway 333A : बिहार के शेखपुरा जिले में सड़क नेटवर्क के विकास ने अब नई गति पकड़ ली है। लंबे समय से बेहतर कनेक्टिविटी की प्रतीक्षा कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। बरबीघा–पंजवारा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-333ए) को फोर लेन में बदलने की प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ रही है। इस परियोजना से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।


एनएच-333ए सड़क बरबीघा से शुरू होकर शेखपुरा, जमुई, बांका होते हुए पंजवारा तक जाती है और यह झारखंड से भी जुड़ती है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग को फोर लेन में बदलने से यात्रियों को सड़क मार्ग से आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित यह सड़क शेखपुरा, जमुई और बांका जिलों से होकर झारखंड को जोड़ती है, जिससे दोनों राज्यों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।


मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए के कुल 190 किलोमीटर हिस्से को फोर लेन बनाया जाना है। शहरी क्षेत्रों में इसकी चौड़ाई 25 मीटर और खुले क्षेत्रों में 40 मीटर तक होगी। यह हाईवे आगे चलकर भागलपुर से हंसडीहा जाने वाले एनएच-131ई से भी जुड़ जाएगा, जिससे पूरे पूर्वी बिहार का सड़क नेटवर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।


बरबीघा से बांका के पंजवारा तक 190 किलोमीटर लंबे इस एनएच-333ए को फोर लेन बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बरबीघा के श्रीकृष्ण चौक के पास से यह सड़क शुरू होकर जिला मुख्यालय से गुजरती हुई चेवाड़ा प्रखंड के सियानी मोड़ तक लगभग 33.8 किलोमीटर लंबी है। इसके बाद यह मार्ग लखीसराय होते हुए जमुई जिले की सीमा में प्रवेश करता है।


फोर लेन बनाने के लिए भू-अर्जन विभाग ने भी काम शुरू कर दिया है। सड़क किनारे की जमीन चिन्हित कर ली गई है और रैयतों को मुआवजा देने के लिए कैंप लगाकर राशि का भुगतान किया जा रहा है। इस परियोजना से संबंधित भूमि के लिए कुल 72 करोड़ रुपये का मुआवजा उपलब्ध कराया गया है, ताकि स्थानीय लोगों को समय पर और सही मुआवजा मिल सके।


सामाजिक कार्यकर्ता विपिन मंडल ने कहा कि यह सड़क अंग्रेजों के जमाने में बनी थी और अब तक केवल मरम्मत करके ही चलाया जा रहा था। इसे फोर लेन में बदलना एक सराहनीय कदम है, जिससे बिहार और झारखंड की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इससे लाखों लोगों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। झारखंड जाने में पहले की तुलना में कम समय लगेगा, जिससे व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।


जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि जिले में एनएच-333ए का कुल दायरा 33.08 किलोमीटर है, जिसमें 35 मौजा शामिल हैं। इनमें से 33 मौजा की जमीन चिन्हित कर ली गई है। इस दायरे में कुल 94.96 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से 82.72 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की जा चुकी है। इसमें 56.45 हेक्टेयर भूमि सरकारी है, जबकि शेष भूमि के लिए 2991 रैयतों से जमीन खरीदने के लिए विभाग को 72 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।


फोर लेन सड़क निर्माण के तहत कहीं टू लेन तो कहीं फोर लेन सड़क बनाई जाएगी। इसके अलावा शेखपुरा में एक बाईपास का निर्माण भी प्रस्तावित है, जो श्री गौशाला के समीप से पथरैटा होते हुए लखीसराय मार्ग से जुड़ेगा। इससे यातायात और अधिक सुगम होगा और शहर के अंदर से गुजरने वाला भारी वाहन ट्रैफिक कम हो जाएगा।


इस फोर लेन परियोजना पर 11 बड़े जंक्शन बनाए जाने की योजना है। यह सड़क बरबीघा से शुरू होकर जमुई होते हुए बांका के पंजवारा तक जाएगी। 190 किलोमीटर लंबी इस फोर लेन सड़क पर चेवाड़ा, सिकंदरा, जमुई, मल्लेहपुर, गिद्धौर, झाझा, भैरोगंज, रजवारा, कटोरिया, ककबारा और बांका में प्रमुख जंक्शन प्वाइंट बनाए जाएंगे।


यह परियोजना न केवल शेखपुरा जिले बल्कि पूरे पूर्वी बिहार के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे क्षेत्र तेजी से उभरेंगे। साथ ही, सड़क पर होने वाले दुर्घटनाओं की संख्या भी कम होगी क्योंकि फोर लेन सड़क पर यातायात व्यवस्थित रहेगा। इस तरह, एनएच-333ए के फोर लेन बनने की दिशा में उठाया गया यह कदम बिहार के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब लोगों की नजरें इस परियोजना की तेजी से पूरी होने पर टिकी हुई हैं, ताकि जल्द ही वे बेहतर और सुरक्षित सड़क यात्रा का अनुभव कर सकें।