24 घंटे में काम पर लौटने वाले अधिकारियों पर नहीं होगी कार्रवाई: विजय कुमार सिन्हा

बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने वाले अंचल और राजस्व अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। मार्च में राजस्व महा अभियान और ई-मापी अभियान के तहत 46 लाख आवेदनों का निपटारा...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 15, 2026, 8:12:19 PM

बिहार न्यूज

24 घंटे के भीतर हड़ताल खत्म करें अधिकारी - फ़ोटो सोशल मीडिया

PATNA: बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने वाले अंचलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि मार्च महीने में राजस्व महा अभियान, ई-मापी अभियान और मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम चल रहे हैं, इसलिए प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से जारी रखना आवश्यक है।  


उन्होंने कहा कि जो इस निर्धारित समय सीमा में काम पर लौट आयेंगे उनकी दोनों हड़ताल अवधि का समायोजन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मार्च का महीना राजस्व विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और कई जनहितकारी अभियान इस समय चल रहे हैं। 


इस अवधि में मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा, राजस्व महा अभियान के तहत प्राप्त लगभग 46 लाख आवेदनों का निष्पादन तथा मुख्यमंत्री के निर्देश पर ई-मापी अभियान भी चल रहा है। उपरोक्त दोनों कार्य सीधे जनता से जुड़े हैं और 31 मार्च तक पूरा करना लक्ष्य है। ऐसे में प्रशासनिक कार्यों की गति प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने संवाद और समन्वय का रास्ता चुना है।


उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अंचल कार्यालयों से जुड़े कार्य सीधे आम लोगों की जमीन, प्रमाण-पत्र और राजस्व सेवाओं से जुड़े होते हैं। इसलिए साल के आखिरी मार्च माह में इन सेवाओं पर आंशिक प्रभाव भी उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल की दोनों अवधि का समायोजन किया जाएगा। भूमि सुधार उप समाहर्ताओं से जुड़ा मुद्दा सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ा मुद्दा है। अगर काम पर लौटेंगे तो उसपर उदारता पूर्वक विचार किया जाएगा।


 दबाव की राजनीति करने से किसी भी समस्या का समाधान संभव नहीं है। जनता का काम करके परिणाम देकर हक का कोई भी काम कराया जा सकता है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का सर्वोच्च लक्ष्य हमेशा जनहित और सुशासन रहा है। सरकार जायज़ समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील है, लेकिन प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।