1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 03 Jan 2026 07:04:08 AM IST
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Bihar severe cold : बिहार में भीषण ठंड का प्रकोप फिलहाल थमने के आसार नहीं दिख रहे हैं। पश्चिमी हिमालयी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी का सीधा असर बिहार के मौसम पर पड़ रहा है। इसके कारण राज्य के अधिकांश जिलों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है और लोगों को कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड के साथ-साथ बारिश की भी संभावना जताई है, जिससे ठिठुरन और बढ़ सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही सर्द पछुआ हवाओं के कारण न्यूनतम और अधिकतम तापमान में खास अंतर नहीं रह गया है। दिन के समय भी ठंड का एहसास बना हुआ है, जिसे ‘कोल्ड डे’ की स्थिति कहा जा रहा है। कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया जा रहा है, जबकि रात का तापमान भी लगातार गिरा हुआ है।
राज्य के उत्तर और मध्य हिस्सों में घने कोहरे का असर भी देखने को मिल रहा है। सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम हो जा रही है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर ट्रेनें देरी से चल रही हैं, वहीं कुछ उड़ानों को रद्द या डायवर्ट भी करना पड़ा है। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से अगले कुछ दिनों में बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यह बारिश खासकर उत्तर बिहार और सीमावर्ती जिलों में देखने को मिल सकती है। बारिश होने की स्थिति में तापमान में और गिरावट आएगी, जिससे ठंड का असर और तेज हो जाएगा। किसानों के लिए यह मौसम चिंता का कारण बन सकता है, क्योंकि रबी फसलों पर ठंड और नमी का मिश्रित प्रभाव पड़ सकता है।
ठंड का सबसे ज्यादा असर गरीब, बुजुर्ग और बच्चों पर देखा जा रहा है। राज्य के कई इलाकों में लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुबह-शाम सड़कों पर अलाव जलते नजर आ रहे हैं। जिला प्रशासन और नगर निकायों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जा रही है, ताकि लोगों को कुछ राहत मिल सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। बारिश और ठंड के संयुक्त प्रभाव से संक्रमण का खतरा और बढ़ सकता है।
स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कई जिलों में जिला प्रशासन द्वारा स्कूलों के समय में बदलाव या अवकाश की घोषणा की जा चुकी है। खासकर प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को ठंड से बचाने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, बिहार में आने वाले कुछ दिन ठंड के लिहाज से बेहद कठिन रहने वाले हैं। शीतलहर, घना कोहरा और संभावित बारिश लोगों की परेशानियां बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी एहतियात बरतने की अपील की है। जब तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रहेगी, तब तक बिहार को कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की संभावना कम ही है।