ब्रेकिंग
पटना के बाद अब पश्चिम चंपारण में स्कूल बंद, भीषण गर्मी को देखते हुए डीएम ने लिया फैसलापटना में कार से मिला युवक का शव, गर्दनीबाग इलाके में मचा हड़कंपबेगूसराय गैंगरेप मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी नीतीश और मक्का मदीना गिरफ्तारकटिहार में 'फर्जी सिपाही' गिरफ्तार, खाकी का रौब दिखाकर लोगों की आँखों में धूल झोंक रहा था सुशील पटना में भीषण गर्मी का असर, 8वीं तक के सभी स्कूल 27 जून तक बंदपटना के बाद अब पश्चिम चंपारण में स्कूल बंद, भीषण गर्मी को देखते हुए डीएम ने लिया फैसलापटना में कार से मिला युवक का शव, गर्दनीबाग इलाके में मचा हड़कंपबेगूसराय गैंगरेप मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी नीतीश और मक्का मदीना गिरफ्तारकटिहार में 'फर्जी सिपाही' गिरफ्तार, खाकी का रौब दिखाकर लोगों की आँखों में धूल झोंक रहा था सुशील पटना में भीषण गर्मी का असर, 8वीं तक के सभी स्कूल 27 जून तक बंद

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, खुद से लौटने वाले प्रवासी मजदूरों को भी मिलेगा 1000 रुपया

PATNA : अभी-अभी बड़ी खबर आ रही है। बिहार सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने इसका एलान किया है। बाहर से आए सभी मजदूरों को राहत राशि मिलेगी। खुद से वापस लौटे मज

FirstBihar
Anurag Goel
3 मिनट

PATNA : अभी-अभी बड़ी खबर आ रही है। बिहार सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने इसका एलान किया है। बाहर से आए सभी मजदूरों को राहत राशि मिलेगी। खुद से वापस लौटे मजदूरों को भी सरकार एक हजार की राशि देगी।


बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए बिहार लौटने वाले तमाम मजदूरों को एक हजार की राहत राशि देने का फैसला किया गया है। ट्रेनों के अलावे बसों या फिर पैदल या किसी अन्य संसाधनों से पहुंचने वाले मजदूरों के खाते में भी सरकार एक हजार रुपये डालेगी।


इससे पहले बिहार सरकार ने केवल ट्रेनों से बिहार पहुंचने वाले मजदूरों को ही राहत राशि के तौर पर उन्हें क्वरेंटाइन सेंटर में रखने के बाद एक हजार रुपये देने का फैसला किया था। लेकिन ट्रेनों के अलावे हजारों की संख्या में मजदूर अन्य संसाधनों से लगातार बिहार पहुंच रहे हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में मजदूर तो पैदल ही बिहार पहुंच रहे हैं। इसके बाद सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है।


हालांकि कोरोना महामारी के बीच नीतीश सरकार लगातार आपदा प्रभावितों तक मदद पहुंचाने है के दावे कर रही है लेकिन आपदा की इस घड़ी में दावों की हकीकत क्या है इस बात का खुलासा खुद सरकार ने कर दिया है। राज्य सरकार ने कोरोनावायरस के बीच गरीबों के बैंक के अकाउंट में ₹1000 की आर्थिक मदद से भेज रहे हैं का ऐलान किया था लेकिन राज्य के तकरीबन 22 लाख राशन कार्डधारियों के खाते में अब तक चवन्नी भी नहीं पहुंच पाया है।


राज्य सरकार ने खुद हकीकत को स्वीकार किया है। दरअसल सूबे के के 22 लाख  राशन कार्डधारियों का आधार लिंक नहीं होने के कारण उन तक में सरकारी मदद नहीं पहुंच पाई है। राज्य सरकार की तरफ से तकरीबन 1.53 करोड़ राशन कार्डधारियों को एक-एक हजार की आर्थिक मदद देने की पहल की गई है लेकिन उन राशन कार्डधारियों को परेशानी हो रही है जिनकी अब तक आधार कार्ड की सीडिंग नहीं हो पाई है।


जिन 22 लाख लाभुकों तक अब तक के आर्थिक मदद नहीं पहुंची है इसके लिए सरकार तकनीकी परेशानी को जिम्मेदार बता रही है। खाद्य उपभोक्ता संरक्षण मामलों के मंत्री मदन सहनी ने कहा है कि लाभुकों तक मदद पहुंचने में पहले ही काफी विलंब हो चुका है और अब सरकार ने फैसला किया है कि लाभुकों का बैंक डिटेल लेकर डायरेक्ट उनके खाते में आर्थिक मदद दे दी जाए।