Bihar News: बिहार में हो गया बड़ा खेल, चार ROB का निर्माण कार्य रूका; वजह ऐसी कि जानकर दंग रह जाएंगे

Bihar News: बिहार में रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण में समन्वय की कमी से चार डिजाइन गुम होने के कारण काम रुका हुआ है। पथ निर्माण विभाग के वरीय अधिकारी रेलवे से स्वीकृति दिलाने के लिए बैठक करेंगे।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jan 04, 2026, 7:27:11 PM

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प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार में चार आरओबी के निर्माण कार्य पर ब्रेक लग गया है। रेलवे और पथ निर्माण विभाग के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा बिहार के लोगों भुगतना पड़ रहा है। ROB का निर्माण कार्य रूकने की वजह ऐसी है कि उसे जानकर आप दंग रह जाएंगे।


दरअसल, बिहार में रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य समन्वय की कमी के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पथ निर्माण विभाग की देखरेख में बन रहे आरओबी प्रोजेक्ट्स में रेलवे के साथ तालमेल नहीं होने से काम बार-बार अटक रहा है। हाल ही में रेलवे के साथ हुई समन्वय बैठक में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। 


पथ निर्माण विभाग द्वारा रेलवे को मंजूरी के लिए भेजे गए चार आरओबी के डिजाइन रेलवे स्तर पर गुम हो गए हैं। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम राज्य सरकार की ओर से आरओबी निर्माण की नोडल एजेंसी है, लेकिन डिजाइन की स्वीकृति न मिलने से परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।


पथ निर्माण विभाग का कहना है कि जब तक आरओबी के डिजाइन को रेलवे से मंजूरी नहीं मिलती, तब तक न तो निविदा (एनआईटी) जारी की जा सकती है और न ही लागत का सही आकलन संभव है। इससे परियोजनाओं में देरी हो रही है और लागत लगातार बढ़ती जा रही है।


विभागीय अधिकारियों का आरोप है कि समन्वय बैठकों में रेलवे की ओर से प्रायः कनीय अधिकारी ही शामिल होते हैं, जो सिर्फ औपचारिक चर्चा कर परामर्श लेकर चले जाते हैं। इससे निर्णय प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब होता है।


अब इस समस्या के समाधान के लिए पथ निर्माण विभाग ने पहल तेज कर दी है। विभाग के वरीय अधिकारी स्वयं रेलवे के संबंधित कार्यालयों में जाकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, ताकि डिजाइन स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।


बता दें कि बिहार में कई आरओबी परियोजनाएं कास्ट शेयरिंग मॉडल पर आधारित हैं, जिसमें रेलवे को ट्रैक के ऊपर के हिस्से का निर्माण करना होता है, जबकि एप्रोच रोड पथ निर्माण विभाग बनाता है। ऐसे प्रोजेक्ट्स में डिजाइन की मंजूरी वर्षों तक अटकी रहती है, जिससे आरओबी निर्माण लगातार प्रभावित हो रहा है।