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Bihar Ration Card : बिहार में e-KYC की डेडलाइन तय, राशन कार्ड से नाम कटा तो इन 7 योजनाओं का नहीं मिलेगा लाभ

बिहार में राशन कार्ड e-KYC की अंतिम तिथि 28 फरवरी तय। समय पर सत्यापन नहीं कराने पर नाम कटेगा और 7 सरकारी योजनाओं का लाभ बंद हो सकता है।

Bihar Ration Card : बिहार में e-KYC की डेडलाइन तय, राशन कार्ड से नाम कटा तो इन 7 योजनाओं का नहीं मिलेगा लाभ
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar Ration Card : बिहार में राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी कराना अब अनिवार्य कर दिया गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए 28 फरवरी तक की अंतिम तिथि तय की है। इस समय सीमा के बाद जिन लाभुकों ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की होगी, उनका नाम राशन कार्ड से हटाया जा सकता है। सरकार ने साफ किया है कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आने वाले प्रत्येक सदस्य का सत्यापन जरूरी है।


ई-केवाईसी क्यों है जरूरी?

राज्य सरकार का कहना है कि ई-केवाईसी के जरिए वास्तविक और पात्र लाभुकों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। कई मामलों में यह पाया गया है कि कुछ कार्डधारक दूसरे राज्यों में रह रहे हैं, कुछ की मृत्यु हो चुकी है, जबकि कुछ परिवारों के नाम दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज हैं। ऐसे मामलों को चिन्हित कर फर्जी या अपात्र लाभुकों को सूची से हटाने की तैयारी है। ई-केवाईसी प्रक्रिया से डुप्लीकेट और फर्जी प्रविष्टियों पर रोक लगेगी और सही लोगों तक ही सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचेगा।


जिला आपूर्ति शाखा के आंकड़ों के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत लोगों ने अपना ई-केवाईसी पूरा करा लिया है। हालांकि अब भी 20 % लाभुकों का सत्यापन लंबित है। प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते ये लोग प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं तो उनका नाम सूची से हट सकता है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि लगातार जनवितरण प्रणाली (PDS) दुकानों और संबंधित केंद्रों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में लाभुक अब भी ई-केवाईसी कराने से वंचित हैं।


सिर्फ राशन ही नहीं, अन्य योजनाओं पर भी असर

ई-केवाईसी नहीं कराने की स्थिति में सिर्फ राशन कार्ड से नाम हटने का खतरा नहीं है, बल्कि कई अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी बंद हो सकता है। जिनका राशन कार्ड निरस्त होगा, वे कई महत्वपूर्ण योजनाओं से वंचित हो सकते हैं। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, श्रमिक योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना शामिल हैं।


इन योजनाओं में राशन कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में काम करता है। ऐसे में कार्ड निरस्त होने पर पात्र लाभुक भी लाभ से वंचित हो सकते हैं। इसलिए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इसे गंभीरता से लें और समय रहते ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराएं।


कैसे कराएं ई-केवाईसी?

लाभुक अपने नजदीकी जनवितरण प्रणाली की दुकान या निर्धारित केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड और राशन कार्ड की जरूरत होगी। कई जगह बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पूरी प्रक्रिया सरल और निःशुल्क है।


प्रशासन की सख्त चेतावनी

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने साफ कर दिया है कि 28 फरवरी के बाद लंबित मामलों को चिन्हित कर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद किसी प्रकार की अतिरिक्त समय सीमा नहीं दी जाएगी। इसलिए जिन लाभुकों का ई-केवाईसी अब भी बाकी है, वे तुरंत सत्यापन कराकर अपना नाम सुरक्षित रखें।


सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता और वास्तविक लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। ऐसे में समय पर ई-केवाईसी कराना ही समझदारी होगी, ताकि राशन और अन्य योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे।