1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 18, 2026, 10:03:41 AM
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BIHAR NEWS : बिहार में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। विपक्ष के इकलौते उम्मीदवार और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के निवर्तमान सांसद अमरेंद्रधारी सिंह उर्फ एडी सिंह की हार को लेकर अब महागठबंधन के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं, जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी इस मुद्दे पर राजद नेता तेजस्वी यादव को घेरना शुरू कर दिया है।
भाजपा विधायक रजनीश सिंह ने तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को पहले से ही यह अंदेशा था कि राजद का उम्मीदवार राज्यसभा चुनाव नहीं जीत पाएगा, इसके बावजूद उन्होंने एडी सिंह को मैदान में उतार दिया। रजनीश सिंह ने इसे एक सोची-समझी रणनीति बताते हुए आरोप लगाया कि एक सम्मानित भूमिहार चेहरे को जानबूझकर “बलि का बकरा” बनाया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर तेजस्वी यादव को जीत का भरोसा होता, तो वे अपने परिवार के किसी सदस्य को उम्मीदवार बनाते। उनके मुताबिक, यह साफ संकेत है कि राजद नेतृत्व को अपनी हार का पहले से ही अनुमान था। रजनीश सिंह ने कहा कि इस चुनाव में करोड़ों रुपये खर्च कराए गए, लेकिन अंत में पार्टी अपने ही उम्मीदवार को जीत दिलाने में असफल रही।
राज्यसभा चुनाव के नतीजों की बात करें तो भाजपा के उम्मीदवार शिवेश कुमार राम ने एडी सिंह को कड़ी टक्कर देते हुए पांचवीं सीट पर जीत हासिल की। यह मुकाबला दूसरे वरीयता के वोटों की गिनती तक गया, जहां अंततः भाजपा उम्मीदवार को बढ़त मिल गई। इस हार के पीछे सबसे बड़ा कारण महागठबंधन के विधायकों का क्रॉस वोटिंग या अनुपस्थित रहना बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस और राजद के कुल चार विधायक मतदान के दौरान या तो अनुपस्थित रहे या उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर वोट किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर इन चार में से कम से कम तीन विधायक भी एडी सिंह के पक्ष में मतदान करते, तो उन्हें 40 विधायकों का समर्थन मिल सकता था और वे पहले ही राउंड में जीत दर्ज कर सकते थे।
इसी मुद्दे को उठाते हुए रजनीश सिंह ने तेजस्वी यादव से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के तीन विधायक और राजद के एक विधायक ने वोट क्यों नहीं किया, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव अपने सहयोगी दलों के साथ तालमेल बनाने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
रजनीश सिंह ने आगे कहा कि यह चुनाव परिणाम दर्शाता है कि तेजस्वी यादव का अपने विधायकों और सहयोगी दलों पर नियंत्रण कमजोर हो गया है। उन्होंने कहा कि जब कोई नेता अपने ही दल के विधायकों का समर्थन सुनिश्चित नहीं कर पाता, तो यह उसकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े करता है।
भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव “अनाड़ी खिलाड़ी” साबित हुए हैं, जो न तो कांग्रेस के विधायकों को साध पाए और न ही अपने दल के विधायकों को एकजुट रख पाए। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे प्रकरण से महागठबंधन की अंदरूनी कमजोरी उजागर हो गई है।
वहीं, राजद की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि इस हार के बाद महागठबंधन के भीतर आत्ममंथन जरूर होगा। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी यादव इन आरोपों का किस तरह जवाब देते हैं और क्या महागठबंधन अपनी एकजुटता बनाए रख पाता है या नहीं।