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Bihar higher education expansion : बिहार के छह जिलों के 44 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खुलेंगे, जमीन भी चिह्नित; जानिए क्या है ख़ास

"राज्य सरकार ने 2025-26 में प्रखंड स्तर पर उच्च शिक्षा बढ़ाने का फैसला किया है। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के अधीन छह जिलों में 44 नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे।"

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 29 Nov 2025 12:01:17 PM IST

Bihar higher education expansion : बिहार के छह जिलों के 44 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खुलेंगे, जमीन भी चिह्नित; जानिए क्या है ख़ास

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Bihar higher education expansion : राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में प्रखंड स्तर पर उच्च शिक्षा की पहुंच को मजबूत करने की बड़ी घोषणा की है। सरकार का लक्ष्य है कि अब राज्य के हर प्रखंड में स्नातक स्तर की पढ़ाई उपलब्ध हो, ताकि किसी भी छात्र को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। इस दिशा में विभाग स्तर पर कार्यवाही तेज हो गई है और विश्वविद्यालयों से प्रखंडवार प्रस्ताव मंगाए गए हैं।


बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के अधीन छह जिलों में खुलेंगे 44 नए कॉलेज

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के अधीन आने वाले छह जिलों—मुजफ्फरपुर, वैशाली, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी और शिवहर में कुल 44 नए डिग्री कॉलेज खोलने की तैयारी है। इनमें मुजफ्फरपुर जिले के चार प्रखंड—औराई, बोचहां, मुरौल और गायघाट शामिल हैं, जहां आज तक एक भी डिग्री कॉलेज संचालित नहीं है। इन प्रखंडों के हजारों छात्रों को अब तक स्नातक की पढ़ाई के लिए शहर या दूरस्थ इलाकों का रुख करना पड़ता था, लेकिन नए कॉलेज खुलने से इन क्षेत्रों में शिक्षा विकेंद्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा।


इनके अलावा अन्य जिलों के उन सभी प्रखंडों की भी पहचान कर ली गई है, जहां अभी तक स्नातक की पढ़ाई उपलब्ध नहीं है। संबंधित विश्वविद्यालयों ने ऐसे प्रखंडों की सूची उच्च शिक्षा विभाग को भेज दी है, जिनमें कॉलेज खोलने की तुरंत आवश्यकता है।


विश्वविद्यालयों को 24 घंटे के भीतर भेजनी है सूची

उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एन.के. अग्रवाल ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे 24 घंटे के भीतर प्रखंडवार कॉलेजों की सूची विभाग को भेजें। निर्देश में यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किस प्रखंड में पहले से अंगीभूत (constituted) या संबद्ध (affiliated) कॉलेज संचालित हैं, और किन प्रखंडों में कॉलेज खोलने की आवश्यकता है।


सरकार पहले ही पंचायत स्तर पर प्लस-2 शिक्षा व्यवस्था को मजबूत कर चुकी है। अब अगला कदम प्रखंड स्तर पर डिग्री कॉलेजों का नेटवर्क तैयार करना है, ताकि हर छात्र को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा का अवसर मिल सके।


कैसे आगे बढ़ेगी कॉलेज स्थापना की प्रक्रिया?

कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी— विश्वविद्यालयों की रिपोर्ट मिलने के बाद विभागीय स्तर पर सभी प्रखंडों की जरूरत का आकलन किया जाएगा। विभागीय सहमति मिलते ही संबंधित जिला प्रशासन को जमीन खोजने की जिम्मेदारी दी जाएगी। जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित होते ही निर्माण और संचालन से जुड़े कार्य शुरू होंगे। जिन प्रखंडों में पहले से कॉलेज नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार चाहती है कि 2025-26 में ही इन कॉलेजों की स्थापना प्रक्रिया को तेज गति से पूरा किया जाए।


क्यों ज़रूरी है प्रखंड स्तर पर उच्च शिक्षा?

हजारों छात्र आज भी स्नातक की पढ़ाई के लिए दूसरे प्रखंडों या जिलों में जाने को मजबूर हैं। लड़कियों की शिक्षा पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है, क्योंकि दूर पढ़ने भेजने में परिवार झिझकते हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा में बाधा आती है। प्रखंड में कॉलेज खुलने से— स्थानीय छात्रों का समय और खर्च बचेगा,लड़कियों की शिक्षा प्रतिशत में वृद्धि होगी,क्षेत्र में शैक्षणिक माहौल तैयार होगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे भविष्य की शिक्षा संरचना का खाका सरकार की यह योजना बिहार में ग्रामीण उच्च शिक्षा को सशक्त करने की सबसे बड़ी पहल मानी जा रही है। पंचायत स्तर पर प्लस-2 तक की शिक्षा व्यवस्था तैयार होने के बाद अब स्नातक शिक्षा को हर प्रखंड तक पहुंचाना राज्य की शिक्षा संरचना को नए स्तर पर ले जाएगा।


विश्वविद्यालयों की रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो जाएगा कि किन प्रखंडों में प्राथमिकता के आधार पर कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। यदि प्रक्रिया समय पर पूरी हो गई, तो आने वाले दो वर्षों में बिहार में प्रखंड स्तर पर उच्च शिक्षा का नया अध्याय शुरू हो जाएगा। सरकार का लक्ष्य है—“हर छात्र अपने प्रखंड में ही स्नातक की पढ़ाई कर सके।” यह योजना न केवल शिक्षा के विस्तार का कदम है, बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है।