ब्रेकिंग
बिहार में 3 IPS अधिकारियों का तबादला, भानू प्रताप सिंह पुलिस मुख्यालय बुलाए गए, शैलेन्द्र सिंह बने खगड़िया SP✦बिहार विधान परिषद में बहाली में बड़ा खेल करके गये अवधेश बाबू! जांच में सनसनीखेज खुलासा, बड़े पैमाने पर रद्द हो सकती है नियुक्ति✦बिहार के रेल यात्रियों को राहत, पूर्व मध्य रेलवे ने 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का बढ़ाया परिचालन, देखें पूरा शेड्यूल✦भ्रष्ट इंजीनियर पर SVU का शिकंजा: 5 ठिकानों पर छापेमारी में मिले 31.42 लाख कैश, करोड़ों की जमीन-फ्लैट; 1 करोड़ से अधिक बैंक बैलेंस✦पटना में एक साथ 8 पुलिसवाले सस्पेंड, दो लोगों को छोड़ने के बदले 11 लाख रुपये लेने का आरोप✦बिहार में 3 IPS अधिकारियों का तबादला, भानू प्रताप सिंह पुलिस मुख्यालय बुलाए गए, शैलेन्द्र सिंह बने खगड़िया SP✦बिहार विधान परिषद में बहाली में बड़ा खेल करके गये अवधेश बाबू! जांच में सनसनीखेज खुलासा, बड़े पैमाने पर रद्द हो सकती है नियुक्ति✦बिहार के रेल यात्रियों को राहत, पूर्व मध्य रेलवे ने 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का बढ़ाया परिचालन, देखें पूरा शेड्यूल✦भ्रष्ट इंजीनियर पर SVU का शिकंजा: 5 ठिकानों पर छापेमारी में मिले 31.42 लाख कैश, करोड़ों की जमीन-फ्लैट; 1 करोड़ से अधिक बैंक बैलेंस✦पटना में एक साथ 8 पुलिसवाले सस्पेंड, दो लोगों को छोड़ने के बदले 11 लाख रुपये लेने का आरोप

Bihar Police Academy : बिहार पुलिस अकादमी में 2023 बैच के 1218 दरोगाओं का दीक्षांत परेड समारोह आज, महिलाओं की ऐतिहासिक भागीदारी

बिहार पुलिस अकादमी में 2023 बैच के 1218 अवर निरीक्षकों का दीक्षांत परेड समारोह शनिवार को होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

Bihar Police Academy : बिहार पुलिस अकादमी में 2023 बैच के 1218 दरोगाओं का दीक्षांत परेड समारोह आज, महिलाओं की ऐतिहासिक भागीदारी
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Bihar Police Academy : बिहार पुलिस अकादमी में 2023 बैच के अवर निरीक्षकों (दरोगाओं) का दीक्षांत परेड समारोह शनिवार को भव्य रूप से आयोजित होने जा रहा है। इस समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अकादमी परिसर को खास तौर पर सजाया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षुओं के परिजन और अन्य विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहेंगे।


इस वर्ष का दीक्षांत समारोह कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। कुल 1218 प्रशिक्षु दरोगा प्रशिक्षण पूरा कर पास आउट होंगे, जिनमें 436 महिलाएं शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में महिला दरोगाओं का चयन और प्रशिक्षण पूरा करना बिहार पुलिस में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्तिकरण का मजबूत प्रमाण है। यह आंकड़ा न केवल राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि कानून-व्यवस्था जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में महिलाएं अब महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।


दीक्षांत परेड के दौरान प्रशिक्षु अपने कठोर प्रशिक्षण और अनुशासन का प्रदर्शन करेंगे। परेड, सलामी और विभिन्न ड्रिल्स के जरिए वे यह दिखाएंगे कि उन्होंने प्रशिक्षण अवधि में शारीरिक, मानसिक और पेशेवर रूप से कितनी मजबूती हासिल की है। परेड ग्राउंड में अनुशासनबद्ध कदमताल और आत्मविश्वास से भरे चेहरे इस बात का संकेत होंगे कि ये नए दरोगा फील्ड में जिम्मेदारी संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।


बिहार पुलिस अकादमी के अधिकारियों के अनुसार, इन प्रशिक्षुओं को आधुनिक पुलिसिंग की सभी जरूरी विधाओं में प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण में पारंपरिक कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आधुनिक चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया गया। साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, ड्रग तस्करी, महिला सुरक्षा, बच्चों से जुड़े अपराध और आधुनिक जांच तकनीकों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा, डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने, तकनीकी विश्लेषण और केस स्टडी के जरिए उन्हें व्यावहारिक अनुभव भी कराया गया।


अकादमी का मानना है कि ये नए दरोगा फील्ड में जाकर नए प्रकार के अपराधों से प्रभावी तरीके से निपटने में सक्षम होंगे। खासकर साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे मामलों में इनकी भूमिका बेहद अहम होगी, क्योंकि ऐसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और इनके लिए तकनीकी समझ बेहद जरूरी है। प्रशिक्षुओं को यह भी सिखाया गया है कि आम जनता के साथ संवेदनशील और मानवीय व्यवहार कैसे किया जाए, ताकि पुलिस और जनता के बीच भरोसा मजबूत हो।


राज्य सरकार का कहना है कि 1218 नए दरोगाओं की तैनाती से बिहार पुलिस बल को नई ऊर्जा मिलेगी। इनकी पोस्टिंग 2025 के अंत तक राज्य के विभिन्न जिलों में की जाएगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पुलिस बल की कमी काफी हद तक दूर होगी। लंबे समय से कई थानों में स्टाफ की कमी के कारण पुलिस पर काम का बोझ बढ़ा हुआ था, जिसे इन नई नियुक्तियों से संतुलित करने में मदद मिलेगी।


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं को संबोधित करने की भी संभावना है। वे अपने संबोधन में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, तकनीक आधारित पुलिसिंग और जनता के साथ बेहतर संवाद पर जोर दे सकते हैं। वहीं, उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी द्वारा भी पुलिस बल के आधुनिकीकरण और अपराध नियंत्रण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराए जाने की उम्मीद है।


इस दीक्षांत समारोह को प्रशिक्षुओं और उनके परिवारों के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है। लंबे और कठिन प्रशिक्षण के बाद जब वे वर्दी में परेड ग्राउंड पर कदमताल करेंगे, तो यह उनके सपनों के साकार होने का प्रतीक होगा। साथ ही, यह समारोह बिहार पुलिस के भविष्य की एक झलक भी पेश करेगा, जहां आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और महिला-पुरुष समान भागीदारी के साथ एक मजबूत और सक्षम पुलिस बल राज्य की सुरक्षा में जुटा रहेगा।