ब्रेकिंग
लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता के चार ठिकानों पर SVU की रेड, आय से अधिक संपत्ति की जांचBihar Train Accident: रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आईं मां-बेटी, दोनों की मौके पर मौतस्कूल बस ने बाइक सवार युवक को कुचला, मौके पर मौत; गुस्साए लोगों ने बस में की तोड़फोड़, सड़क जामशिक्षकों के तबादले पर तेजस्वी यादव का सीएम सम्राट को पत्र, उर्दू-अरबी-फारसी शिक्षकों के मुद्दे पर उठाए सवाल; 8 मांगें रखींसत्यनारायण पूजा का प्रसाद खाने से 100 से अधिक लोग बीमार, बच्चों और महिलाओं की संख्या ज्यादा; नाव से अस्पताल पहुंचाए गए मरीजलघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता के चार ठिकानों पर SVU की रेड, आय से अधिक संपत्ति की जांचBihar Train Accident: रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आईं मां-बेटी, दोनों की मौके पर मौतस्कूल बस ने बाइक सवार युवक को कुचला, मौके पर मौत; गुस्साए लोगों ने बस में की तोड़फोड़, सड़क जामशिक्षकों के तबादले पर तेजस्वी यादव का सीएम सम्राट को पत्र, उर्दू-अरबी-फारसी शिक्षकों के मुद्दे पर उठाए सवाल; 8 मांगें रखींसत्यनारायण पूजा का प्रसाद खाने से 100 से अधिक लोग बीमार, बच्चों और महिलाओं की संख्या ज्यादा; नाव से अस्पताल पहुंचाए गए मरीज

Bihar News : बिहार की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! अब गांव-प्रखंड तक चलेगी पिंक बस, 50 नई बसों की तैयारी

बिहार में पिंक बस सेवा का विस्तार होगा। प्रखंड स्तर तक बसें चलेंगी, महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित सफर के साथ सेनेटरी पैड जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।

Bihar news
Bihar news
© Ai photo
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News : बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने महिलाओं और छात्राओं के लिए शुरू की गई पिंक बस सेवा का विस्तार करने की तैयारी तेज कर दी है। अब यह सुविधा केवल जिला मुख्यालयों और शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे राज्य के प्रखंड स्तर तक पहुंचाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालय आने-जाने वाली महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।


फिलहाल बिहार में 100 पिंक बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों की सेवा राज्य के कई प्रमुख शहरों और जिला मुख्यालयों में उपलब्ध है। वर्तमान व्यवस्था के तहत पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, पूर्णिया और दरभंगा जैसे प्रमंडलीय क्षेत्रों को इससे जोड़ा गया है।


इनमें पटना में सबसे अधिक 30 पिंक बसें चल रही हैं, जबकि मुजफ्फरपुर में 20 बसों का संचालन किया जा रहा है। गया और दरभंगा में 15-15 तथा भागलपुर और पूर्णिया में 10-10 पिंक बसें यात्रियों को सेवा दे रही हैं।


प्रखंडों तक होगा सेवा का विस्तार

परिवहन निगम की योजना के अनुसार अब पिंक बस सेवा का दायरा बढ़ाकर चयनित प्रखंडों तक किया जाएगा। पहले चरण में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां से बड़ी संख्या में कामकाजी महिलाएं और छात्राएं रोजाना जिला मुख्यालयों की यात्रा करती हैं।


इस विस्तार से ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को भी सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा। खासकर उच्च शिक्षा के लिए जिला मुख्यालय जाने वाली छात्राओं और नौकरी या रोजगार के लिए यात्रा करने वाली महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।


पिंक बसों में मिलेंगी विशेष सुविधाएं

महिला यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पिंक बसों में कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें महिलाओं के लिए सेनेटरी पैड और गर्भनिरोधक गोलियों जैसी आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था भी शामिल है।


यात्रा के दौरान जरूरत पड़ने पर महिलाएं बस में ही कम कीमत पर सेनेटरी पैड प्राप्त कर सकेंगी। परिवहन विभाग का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की यात्रा को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक बनाना है।


200 इलेक्ट्रिक बसों की भी तैयारी

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम जल्द ही 200 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना पर काम कर रहा है। इनमें से 50 बसों को पिंक बस सेवा के रूप में चलाने की तैयारी है।


पहले चरण में इन बसों का संचालन चयनित मार्गों और प्रखंडों के रूट पर किया जाएगा। इसके बाद योजना की सफलता के आधार पर इसे अन्य क्षेत्रों तक भी विस्तार दिया जाएगा।


ग्रामीण महिलाओं और छात्राओं को मिलेगा फायदा

अभी पिंक बस सेवा का लाभ मुख्य रूप से शहरों और जिला मुख्यालयों तक सीमित है। विस्तार के बाद गांवों और छोटे कस्बों की महिलाओं को भी सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिलेगा।


परिवहन निगम का मानना है कि इस सेवा से महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। नियमित और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलने से छात्राओं को कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने में आसानी होगी।


वहीं, कामकाजी महिलाओं को भी रोजमर्रा की यात्रा में सुविधा मिलेगी। पिंक बस सेवा के विस्तार को बिहार में महिला केंद्रित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।