1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 04 Jan 2026 01:27:24 PM IST
- फ़ोटो
Bihar ration : बिहार सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत अब हर राशन दुकान पर ई-पीओएस मशीनों को डिजिटल तौल मशीनों से जोड़ा जाएगा, ताकि प्रत्येक लेन-देन में वास्तविक समय में अनाज के वजन का डेटा रिकॉर्ड हो सके। यह सुधार राज्य की 55,111 राशन दुकानों में लागू हो चुका है और 5000 नई दुकानों में भी इसे लागू किया जाएगा।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस प्रणाली से मैनुअल त्रुटियों और अनाज के लिकेज पर पूरी तरह नियंत्रण रहेगा। लाभार्थियों की पहचान वास्तविक समय में होगी और उन्हें उचित मात्रा में राशन मिलेगा। एआई आधारित एनालिसिस के जरिए निर्धारित मात्रा से कम अनाज वितरण की सूचना अपने-आप कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में पहुंच जाएगी, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
संगठित शिकायतों को ध्यान में रखते हुए फिंगर प्रिंट रीड न होने की स्थिति में भी आंखों की पुतली और फेस रिकग्निशन से पहचान कर राशन प्रदान किया जाएगा। इस प्रणाली के लागू होने से “एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड” योजना के तहत प्रवासी और अन्य पात्र लाभार्थियों को बिना किसी रोक-टोक के राशन मिलना सुनिश्चित होगा। साथ ही, प्रत्येक दुकान पर डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से योजना की पात्रता की जानकारी भी प्रदर्शित होगी।
नयी व्यवस्था के तहत राशन वितरण की पारदर्शिता बढ़ेगी, स्टॉक में हेराफेरी रोकी जा सकेगी और वितरण प्रक्रिया में अनियमितताओं पर कड़ी निगरानी रहेगी। पूरे प्रदेश से ई-पीओएस और तौल मशीनों का रियल टाइम डेटा सीधे विभाग के सर्वर पर अपलोड होगा, और AI तकनीक के माध्यम से इसका विश्लेषण कर किसी भी अनियमितता का तुरंत पता लगाया जाएगा। इस तरह बिहार में पीडीएस प्रणाली में तकनीकी सुधार के माध्यम से लाभार्थियों को समय पर और सही मात्रा में राशन मिलना सुनिश्चित होगा।