Patna News: पटना से त्रिवेणीगंज जा रही स्लीपर बस कंटेनर से टकराई, आधा दर्जन यात्री घायल

Patna News: बिहार की राजधानी पटना से सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज जा रही एक स्लीपर कोच बस शनिवार सुबह मधुबनी जिले के झंझारपुर में एक बड़े सड़क हादसे का शिकार हो गई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 13 Sep 2025 01:22:03 PM IST

Road Accident

सड़क हादसा - फ़ोटो GOOGLE

Patna News: बिहार की राजधानी पटना से सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज जा रही एक स्लीपर कोच बस शनिवार सुबह मधुबनी जिले के झंझारपुर में एक बड़े सड़क हादसे का शिकार हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब देव ट्रैवल्स की बस ने एनएच-27 पर संग्राम पुल के पास एक कंटेनर में पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में करीब आधा दर्जन यात्री घायल हो गए, हालांकि गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई और सभी घायलों की हालत स्थिर है।


मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा सुबह लगभग 5 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि कंटेनर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया, जिससे पीछे आ रही तेज रफ्तार बस को रुकने का मौका नहीं मिला और वह सीधे कंटेनर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और बस के अंदर बैठे यात्री डर के मारे चीखने-चिल्लाने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही झंझारपुर पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को झंझारपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। बस ड्राइवर और खलासी दोनों सुरक्षित हैं।


इस हादसे को लेकर एक नया विवाद भी सामने आया है। बस के खलासी ने आरोप लगाया कि पुलिस की 112 नंबर की मोबाइल गश्ती गाड़ी ने कंटेनर को वसूली के उद्देश्य से रोका था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उनका दावा है कि पुलिस की गाड़ी की वजह से कंटेनर अचानक रुका, और बस को ब्रेक लगाने का मौका नहीं मिला। यही नहीं, बस खलासी ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद 112 की टीम ने कोई मदद नहीं की, और उल्टे कंटेनर चालक मौके से फरार हो गया। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर अररिया संग्राम थाना के थानाध्यक्ष ने प्रतिक्रिया देते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तत्काल घायलों का इलाज कराया और यात्रियों को दूसरी बस से उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।


कंटेनर ड्राइवर मौके से भाग कैसे गया, जबकि पुलिस घटनास्थल पर मौजूद थी। घटना के बाद कुछ यात्रियों ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐसे हादसे हमारे जीवन को संकट में डालते हैं, और प्रशासन से सहयोग न मिलने पर आम नागरिकों का सिस्टम से विश्वास उठता जा रहा है। यात्रियों ने मांग की है कि इस हादसे की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।